Tuesday, 04 February 2025
Health
77% दिल्लीवासियों को मिल रहा जहरीला पानी, इंसानों के लिए असुरक्षित, बीमारियों और मौत का खतरा |
देश की राजधानी दिल्ली हर सुबह एक भयावह सच्चाई के साथ जागती है— दो करोड़ से ज्यादा आबादी और गंभीर जल संकट। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा हाल ही में की गई जल आपूर्ति कटौती की घोषणाओं ने इस संकट को और उजागर कर दिया है। संगम विहार से शाहदरा तक, स्वच्छ पीने के पानी की जंग, असमानता और लापरवाही की कड़वी तस्वीर पेश कर रही है।
दिल्ली में जिन 21 इलाकों में जल संकट सबसे ज्यादा है, वहां के विधायक AAP के ही हैं, जिससे यह साफ होता है कि सरकारी विफलताएं, बढ़ता प्रदूषण, और बेकाबू टैंकर माफिया इस परेशानी को और गहरा रहे हैं। गर्मियों में पानी के टैंकरों की कीमतें ₹2,000 तक पहुंच जाती हैं, जिससे गरीब वर्ग अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा सिर्फ पानी खरीदने में खर्च करने को मजबूर है।
स्वतंत्र जांचों में दिल्ली के पानी में खतरनाक प्रदूषकों का खुलासा हुआ है— उच्च गंदलापन, अत्यधिक टीडीएस (TDS), और अपर्याप्त क्लोरीन इसे पीने योग्य नहीं बनाते। टाइफाइड, हैजा जैसी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर गरीब तबके में, जिनके पास शुद्ध जल का कोई विकल्प नहीं है।
दिल्ली सरकार द्वारा बड़े दावों के साथ शुरू किया गया राजिंदर नगर 24x7 जल आपूर्ति प्रोजेक्ट भी फेल साबित हुआ। इस क्षेत्र में किए गए परीक्षणों में भी पानी गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। यह परियोजना पूरे जल प्रबंधन तंत्र की नाकामी का प्रतीक बन गई है।
संकट केवल पानी का नहीं, शासन और जवाबदेही का भी है। यमुना प्रदूषण, अधूरी योजनाएं, और कुप्रबंधन ने दिल्ली को इस हाल में पहुंचा दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने बदलाव के जो वादे किए थे, वे खोखले साबित हो रहे हैं। अगर जल्द व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं हुआ, तो दिल्लीवासियों के लिए पानी मिलना और भी मुश्किल हो जाएगा।