Thursday, 21 November 2024
Punjab News
संकट के बादलों से घिरा अकाली दल, सुखबीर सिंह के इस्तीफे के बाद पार्टी में इस्तीफों की बाढ़
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के इस्तीफे के बाद पार्टी के अंदर इस्तीफों की लहर सी आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा इस्तीफे दिए जाने से यह सवाल उठने लगा है कि यह पार्टी की रणनीति का हिस्सा है, दबाव की राजनीति है, या फिर नेताओं की शिअद से मोहभंग का संकेत।
शिअद के कोषाध्यक्ष और हिंदू नेता एनके शर्मा के इस्तीफे के बाद, पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी और तीन बार विधायक रह चुके हरप्रीत सिंह संधू ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। यही नहीं, शिअद की वर्किंग कमेटी के कई सदस्यों ने घोषणा की है कि अगर सुखबीर बादल ने अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया, तो वे भी पार्टी से इस्तीफा दे देंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये इस्तीफे दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, इसका असर पार्टी की मौजूदा स्थिति पर पड़ सकता है।
अकाली दल के 1920 के प्रधान और पूर्व स्पीकर रविंद्र सिंह ने कहा, सुखबीर बादल और उनके समर्थक श्री अकाल तख्त साहिब से सीधा टकराव कर रहे हैं। यह दिखाता है कि बादल गुट कभी भी सिखों के लिए समर्पित नहीं रहा।
उनके अनुसार, पार्टी के अंदर मौजूद परिवारवाद और सिद्धांतहीन राजनीति से सिख समुदाय को नुकसान हो रहा है।
अकाली दल सुधार लहर के नेता गुरप्रताप सिंह वडाला, सुखदेव सिंह ढींडसा, और बीबी जगीर कौर का कहना है कि अकाली नेताओं द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले को चुनौती देना पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है।
सुधार लहर के अनुसार, शिरोमणि वर्किंग कमेटी के 124 में से केवल 50 नेताओं का सुखबीर बादल के इस्तीफे को स्वीकार न करना, अकाल तख्त के खिलाफ जाने जैसा है।
पार्टी की वर्किंग कमेटी ने कहा है कि जिला जत्थेदारों, शिरोमणि कमेटी के सदस्यों और पार्टी विंगों से विचार-विमर्श के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, कार्यकारी अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़ और शिरोमणि कमेटी के प्रधान धामी द्वारा जत्थेदारों से की जा रही बैठकों ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और बढ़ा दिया है।
शिरोमणि अकाली दल, जो कभी पंजाब की राजनीति का मजबूत स्तंभ था, अब आंतरिक कलह और नेतृत्व संकट का सामना कर रहा है। इस्तीफों का सिलसिला यह संकेत देता है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता अब पार्टी छोड़ने का मन बना रहे हैं।
Akali dal surrounded by clouds of crisis, flood of resignations in the party after sukhbir singh resignation