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Wednesday, 11 February 2026

भारत बंद की पुकार: कल देशव्यापी हड़ताल, किसान और सरकार के बीच बढ़ता तनाव

भारत बंद की पुकार: कल देशव्यापी हड़ताल, किसान और सरकार के बीच बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: कृषि क्षेत्र में एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। विभिन्न किसान संगठनों ने 12 फरवरी को 'भारत बंद' का आह्वान किया है। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र भारत और अमेरिका के बीच होने वाले संभावित व्यापार समझौते (Trade Deal) को बताया जा रहा है। किसानों का दावा है कि यह समझौता भारतीय कृषि और स्थानीय बाजारों के हितों के खिलाफ है। क्यों हो रहा है विरोध? प्रदर्शनकारी संगठनों का तर्क है कि भारत-यूएस ट्रेड डील के लागू होने से अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खुल जाएंगे। किसानों को मुख्य रूप से निम्नलिखित बातों का डर है: * सब्सिडी में कटौती: अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण सरकार खेती पर मिलने वाली सब्सिडी कम कर सकती है। * बाजार में प्रतिस्पर्धा: सस्ते विदेशी उत्पादों के आने से स्थानीय किसानों की फसलों के दाम गिर सकते हैं। * बीज और पेटेंट: बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कृषि संसाधनों पर नियंत्रण बढ़ने की आशंका। > "यह केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के अन्नदाता के अस्तित्व की लड़ाई है। हम अपनी संप्रभुता और खेतों का सौदा नहीं होने देंगे।" — किसान नेता का बयान > क्या रहेगा बंद और क्या खुलेगा? देशव्यापी बंद के आह्वान को देखते हुए कई राज्यों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। हालांकि आवश्यक सेवाओं को लेकर अभी तक पूरी स्पष्टता नहीं है, लेकिन निम्नलिखित क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है: | प्रभावित क्षेत्र | संभावित स्थिति | |---|---| | परिवहन | अंतरराज्यीय बसें और ट्रक सेवा प्रभावित हो सकती है। | | बाजार | कई शहरों में व्यापारिक मंडियां और दुकानें बंद रहने की संभावना। | | शिक्षा | कुछ निजी स्कूलों और कॉलेजों ने एहतियातन छुट्टी की घोषणा की है। | | आपातकालीन सेवाएं | एम्बुलेंस, अस्पताल और फायर ब्रिगेड चालू रहेंगे। | प्रशासन की तैयारी केंद्र और राज्य सरकारों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है। विशेष रूप से दिल्ली की सीमाओं (जैसे टिकरी और सिंघू बॉर्डर) पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि 2020-21 जैसे लंबे आंदोलन की स्थिति पैदा न हो। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे कल घर से निकलने से पहले स्थानीय ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देख लें।