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Tuesday, 01 July 2025

बिक्रम मजीठिया की मुश्किलें बढ़ीं: विजिलेंस की बहु-राज्य रेड, NCB भी पूछताछ के मोड में

Vigilance Raids Bikram Majithia's Premises, NCB Likely to Interrogate Soon
Vigilance Raids Bikram Majithia's Premises, NCB Likely to Interrogate Soon

शिरोमणि अकाली दल के कद्दावर नेता बिक्रम मजीठिया एक बार फिर सुर्खियों में हैं — और इस बार मामला कहीं ज्यादा गंभीर दिख रहा है। 25 जून को हुई गिरफ्तारी के बाद से घटनाक्रम लगातार तेज़ी से बदल रहा है। अब विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने हरियाणा, दिल्ली, यूपी और चंडीगढ़ में मजीठिया से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है, जबकि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) भी इस केस में दखल देने की तैयारी कर रही है

विजिलेंस टीम ने सिर्फ पंजाब तक ही सीमित न रहते हुए राष्ट्रीय स्तर पर दबिश दी है। इस दौरान कई दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं। इस सिलसिले में मजीठिया को पूछताछ के लिए हिमाचल प्रदेश के मशोबरा (शिमला) ले जाया गया, जहाँ उनसे लंबी पूछताछ की गई।

मजीठिया के वकील धर्मवीर सोबती ने उनके एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से एक सार्वजनिक चुनौती दी है। पोस्ट में पंजाब के डीजीपी, विजिलेंस प्रमुख और एजी को चुनौती दी गई है कि वे "NDPS एक्ट की एक भी धारा" उनके मुवक्किल पर लागू करके दिखाएं। यह एक राजनीतिक और कानूनी टकराव का संकेत देता है।

मामले को और मजबूत करने के लिए विजिलेंस टीम ने मनजिंदर सिंह बिट्टू औलख और जगजीत सिंह चहल से भी करीब दो घंटे तक पूछताछ की। इन दोनों के खिलाफ भी नशा तस्करी में संलिप्तता के आरोप हैं। दोनों का मजीठिया से संपर्क और संबंध इस केस की जड़ तक जाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

25 जून को मजीठिया के मोहाली स्थित आवास पर विजिलेंस की टीम ने सुबह-सुबह छापा मारा था। करीब 30 अधिकारियों की टीम ने कार्रवाई की, जिसके दौरान उनकी पत्नी गनीव कौर ने विजिलेंस पर दुर्व्यवहार और जबरदस्ती का आरोप लगाया।

पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय और ईडी के पूर्व डायरेक्टर निरंजन दास पहले ही मजीठिया के खिलाफ बयान दर्ज करवा चुके हैं। अब यदि NCB भी इस केस में जांच शुरू करता है, तो मामला केवल राज्य नहीं, बल्कि केंद्रीय एजेंसियों के स्तर तक पहुँच जाएगा — जिससे मजीठिया की मुश्किलें और गहरा सकती हैं।

बिक्रम मजीठिया के लिए यह सिर्फ एक कानूनी चुनौती नहीं, बल्कि राजनीतिक अस्तित्व का संकट भी बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विजिलेंस और NCB के पास उनके खिलाफ ठोस सबूत हैं, या यह मामला फिर से राजनीतिक बहस बनकर रह जाएगा।