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Monday, 07 April 2025

ट्रंप की टैरिफ नीति से हिला वैश्विक बाजार: सेंसेक्स 2564 अंक गिरा, 19 लाख करोड़ रुपए डूबे

Global Stock Markets Crash Amid Trump Tariff Jitters; Sensex Falls Over 2,500 Points
Global Stock Markets Crash Amid Trump Tariff Jitters; Sensex Falls Over 2,500 Points

नई दिल्ली: दुनियाभर के शेयर बाजारों में सोमवार को हाहाकार मच गया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ (शुल्क) नीतियों से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों में भारी घबराहट देखने को मिली। भारत भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा। बीएसई सेंसेक्स 2,564.74 अंक की भारी गिरावट के साथ 72,799.95 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 831.95 अंक टूटकर 22,072.50 पर आ गया।

यह दोनों इंडेक्स करीब दस महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 19 लाख करोड़ रुपये घट गया, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है।

📉 हर सेक्टर में गिरावट, स्मॉलकैप ने लगाया सबसे बड़ा गोता

सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। स्मॉलकैप इंडेक्स में 10% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि मिडकैप इंडेक्स 7.3% लुढ़का। टाटा स्टील के शेयरों में सबसे बड़ी 11.25% की गिरावट आई, वहीं टाटा मोटर्स और टेक महिंद्रा में क्रमश: 8.24% और 6.70% की गिरावट रही। बैंकिंग और आईटी जैसे आमतौर पर स्थिर माने जाने वाले सेक्टर भी इस बिकवाली से नहीं बच पाए।

🌍 फेडरल रिजर्व चेयरमैन की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने शुक्रवार को चेताया कि ट्रंप द्वारा प्रस्तावित टैरिफ उम्मीद से कहीं अधिक बड़े हैं और ये मुद्रास्फीति के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर गहरा असर डाल सकते हैं। उनके इस बयान ने निवेशकों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

🌐 वैश्विक बाजार भी धराशायी

यह गिरावट सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। अमेरिकी शेयर बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें नैस्डैक 20% से अधिक टूटकर बेयर मार्केट में प्रवेश कर चुका है। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 6.5% गिर गया, जबकि एमएससीआई एशिया एक्स-जापान इंडेक्स 6.8% लुढ़का।

📊 निवेशक फिलहाल कर रहे ‘वेट एंड वॉच’

बाजार में भारी अस्थिरता के बीच निवेशक अब ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपना रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि जब तक ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी की स्पष्टता सामने नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।