Thursday, 05 February 2026
Punjab News
बजट 2026 का असर? सोने और चांदी की कीमतों में मची अफरा-तफरी, निवेशकों के करोड़ों डूबे!
आसमान छूती सोने और चांदी की कीमतों पर आज ब्रेक लग गया है। बुलियन मार्केट में पिछले कई महीनों से जारी 'तूफानी तेज़ी' के बाद आज सुबह निवेशकों को जोरदार झटका लगा, जबकि आम खरीदारों के चेहरे खिल उठे हैं। बाज़ार खुलते ही चांदी में ऐसी बिकवाली हुई कि ट्रेडर्स के पसीने छूट गए।
कभी ₹4 लाख के पार जाने वाली चांदी आज बाज़ार में धराशायी हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होते ही चांदी पर 6% का लोअर सर्किट लग गया, जिसका सीधा मतलब है कि बिकवाली इतनी हावी थी कि ट्रेडिंग को रोकना पड़ा।
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ताज़ा रेट: चांदी अब गिरकर ₹2,58,966 प्रति किलो के स्तर पर आ गई है।
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अंतरराष्ट्रीय हलचल: ग्लोबल मार्केट (Comex) में भी चांदी करीब 10% लुढ़क कर $76.45 के करीब पहुँच गई है।
सोना भी हुआ 'सस्ता', प्रति 10 ग्राम ₹4000 की बचत
सिर्फ चांदी ही नहीं, बल्कि सोने (Gold) में निवेश करने वालों को भी आज बड़ा बदलाव देखने को मिला। सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम ₹4,000 की सीधी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली-पटना के सराफा बाज़ारों में अब 24 कैरेट गोल्ड का रेट ₹1,49,000 के आसपास ट्रेड कर रहा है। शादियों के सीजन से ठीक पहले यह गिरावट मिडिल क्लास परिवारों के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है।
जानकारों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:
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प्रॉफिट बुकिंग: ऊंचे भाव पर बैठे बड़े निवेशकों ने अपना माल बेचकर मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया है।
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मजबूत डॉलर: वैश्विक स्तर पर डॉलर की बढ़ती ताकत ने कीमती धातुओं की चमक फीकी कर दी है।
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बजट के बाद का सेंटिमेंट: बजट 2026 के बाद मार्केट में आई अस्थिरता ने भी कीमतों को नीचे धकेला है।
एक्सपर्ट्स की मानें तो यह गिरावट एक 'शॉर्ट टर्म करेक्शन' हो सकती है। सेंट्रल बैंकों की सोने में दिलचस्पी अभी भी बरकरार है। अनुमान है कि साल 2026 में बैंक 800 टन से ज्यादा सोना खरीद सकते हैं। ऐसे में जो लोग गहने बनवाना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट एक बेहतरीन मौका साबित हो सकती है।