Tuesday, 25 February 2025
Health
सिर्फ 1 घंटे की स्क्रीन टाइम से मायोपिया (Myopia or shortsightedness) का खतरा 21% बढ़ता है – शोध
नई दिल्ली: अगर आप दिनभर मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन के सामने रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि सिर्फ 1 घंटे की स्क्रीन टाइम से मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) का खतरा 21% तक बढ़ सकता है। यह शोध डिजिटल डिवाइसेज़ के बढ़ते उपयोग और आंखों की सेहत पर इसके प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट और लगातार नज़दीक देखने की आदत आंखों की मांसपेशियों को कमजोर बना सकती है। खासतौर पर बच्चों और किशोरों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। शोध में यह भी पाया गया कि जिन लोगों का स्क्रीन टाइम अधिक है, उनमें चश्मा लगने की संभावना अधिक होती है।
कौन हैं ज्यादा प्रभावित?
- बच्चे और किशोर: ऑनलाइन पढ़ाई, गेमिंग और सोशल मीडिया के कारण स्क्रीन टाइम ज्यादा होता है।
- ऑफिस में काम करने वाले लोग: दिनभर कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठने से आंखों पर दबाव बढ़ता है।
- मोबाइल यूज़र्स: लगातार फोन स्क्रीन देखने से आंखों की रोशनी कमजोर हो सकती है।
✔ 20-20-20 नियम अपनाएं: हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें। ✔ ब्लू लाइट फ़िल्टर का इस्तेमाल करें: चश्मे या स्क्रीन प्रोटेक्टर का उपयोग करें। ✔ बाहर समय बिताएं: प्राकृतिक रोशनी में रहने से आंखों को आराम मिलता है। ✔ स्क्रीन टाइम सीमित करें: बेवजह फोन या लैपटॉप का इस्तेमाल न करें|