Thursday, 26 December 2024
Jalandhar
जालंधर का नया मेयर: पार्टी के मंथन के बीच कौन बनेगा शहर का अगुआ?
जालंधर के मेयर पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से संभावित नामों पर चर्चा जारी है, लेकिन अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। पार्टी ने कई दावेदारों के नाम पर विचार किया है, जिनमें से कुछ नाम सुर्खियों में हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी किसे मेयर के पद के लिए चुनती है, खासतौर पर तब जब महिला मेयर बनाने की चर्चा भी जोर पकड़ रही है।
आमतौर पर मेयर का ऐलान नगर निगम की मीटिंग में होता है। इस मीटिंग का एजेंडा 72 घंटे पहले जारी किया जाता है। फिलहाल, मीटिंग या एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पार्टी में यह चर्चा भी चल रही है कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का पद एससी समुदाय से आने वाले पार्षदों को दिया जा सकता है।
अश्विनी अग्रवाल: एक मजबूत दावेदार
वार्ड 80 के पार्षद अश्विनी अग्रवाल मेयर पद की रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। अश्विनी, जो गन मेटल की औद्योगिक इकाई चलाते हैं, पार्टी के लोकसभा प्रभारी भी हैं। उनके समर्थन में पार्टी का एक बड़ा धड़ा खड़ा है। व्यवसायी परिवार से ताल्लुक रखने वाले अश्विनी अग्रवाल के राजनीति में आने से सभी चौंक गए थे।
विनीत धीर: नए लेकिन प्रभावशाली
विनीत धीर, जो चुनाव से ठीक पहले आप में शामिल हुए थे, मेयर पद की दौड़ में उनका नाम भी चर्चा में है। हालांकि, उनके मेयर बनने से पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी हो सकती है। इसके बावजूद, उनके प्रभावशाली व्यक्तित्व और समर्थकों के कारण उन्हें एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
अमित ढल्ल: परिवारिक राजनीतिक अनुभव
अमित ढल्ल, जो पहले भी पार्षद रह चुके हैं, इस बार भी मेयर पद के लिए चर्चा में हैं। वह जालंधर नॉर्थ से विधायक उम्मीदवार दिनेश ढल्ल के भाई हैं। हालांकि, विधानसभा चुनाव में दिनेश ढल्ल की हार के बावजूद अमित ने वार्ड 24 से अपनी जगह बनाई है।
महिला मेयर की संभावना
इस बार जालंधर नगर निगम में 85 में से 44 पार्षद महिलाएं हैं। पार्टी के पास 16 महिला पार्षदों का समर्थन है। अगर महिला मेयर की चर्चा को पार्टी हाईकमान हरी झंडी देती है, तो अरुणा अरोड़ा का नाम प्रमुख रूप से उभर सकता है। अरुणा के पास अन्य महिला पार्षदों की तुलना में अधिक अनुभव है, जो उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाता है।
जालंधर के मेयर चुनाव की देखरेख पार्टी के सीनियर नेताओं द्वारा की जा रही है। कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, विधायक राजविंदर कौर थियाड़ा, रमन अरोड़ा, और हरभजन सिंह ईटीओ ने हाईकमान को अपनी राय भेज दी है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेना है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान एक साफ-सुथरी छवि वाले उम्मीदवार को मेयर पद पर देखना चाहते हैं। उनका फोकस ऐसा चेहरा चुनने पर है जो जनता के बीच ईमानदार और भरोसेमंद हो।
अब देखना यह है कि आप हाईकमान इनमें से किसी दावेदार को चुनता है या किसी नए चेहरे को मौका देता है। जालंधर की राजनीति में यह फैसला आने वाले सालों की दिशा तय करेगा। मेयर का चेहरा न सिर्फ नगर निगम के कामकाज को प्रभावित करेगा, बल्कि जनता के लिए भी नई उम्मीदों की किरण लेकर आएगा।