Friday, 22 November 2024
Political
मणिपुर हिंसा पर खड़गे का राष्ट्रपति को पत्र, BJP-कांग्रेस में नया राजनीतिक टकराव
मणिपुर में जारी जातीय हिंसा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे पत्र के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। खड़गे ने मणिपुर हिंसा पर केंद्र और राज्य सरकार को पूरी तरह विफल करार देते हुए राष्ट्रपति से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
गुरुवार (21 नवंबर) को लिखे गए इस पत्र में खड़गे ने इम्फाल घाटी के मीतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच मई 2023 से जारी हिंसा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जनता का केंद्र और राज्य सरकारों पर भरोसा खत्म हो गया है। खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हिंसा प्रभावित मणिपुर का दौरा न करने को लेकर निशाना साधा, इसे चौंकाने वाला और लापरवाहीपूर्ण करार दिया।
खड़गे ने कहा, केंद्र और राज्य सरकारों की निष्क्रियता ने मणिपुर में अराजकता, मानवाधिकारों का उल्लंघन और कानून के शासन का अभाव पैदा किया है।
उन्होंने कांग्रेस द्वारा पिछले 18 महीनों में उठाए गए कदमों, जैसे राहुल गांधी और उनके खुद के मणिपुर दौरे का भी उल्लेख किया।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर झूठे और राजनीति से प्रेरित आरोप लगाने का आरोप लगाया। नड्डा ने कहा कि कांग्रेस की नीतिगत असफलताएं और पिछले प्रशासन के दौरान मणिपुर में गलत फैसले मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करते हुए विदेशी आतंकवादियों के अवैध प्रवेश की अनुमति दी थी। यह मणिपुर की मौजूदा अस्थिरता का एक बड़ा कारण है।
नड्डा ने भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि एनडीए सरकार क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने नड्डा के आरोपों को झूठ और ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया। उन्होंने भाजपा पर 4डी रणनीति - इनकार, विकृति, ध्यान भटकाना और बदनामी - का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
रमेश ने कहा कि मणिपुर के लोग चार प्रमुख प्रश्न पूछ रहे हैं, "पीएम राज्य का दौरा कब करेंगे? सीएम कब तक राज्य पर अत्याचार करते रहेंगे, जब अधिकांश विधायक उनके समर्थन में नहीं हैं? राज्य के लिए पूर्णकालिक राज्यपाल कब नियुक्त किया जाएगा? रमेश ने कहा, केंद्रीय गृह मंत्री मणिपुर में अपनी घोर विफलताओं की जिम्मेदारी कब लेंगे?
मणिपुर में हालिया हिंसा 7 नवंबर को जिरीबाम जिले में हमार समुदाय की एक महिला की नृशंस हत्या के बाद भड़की। 7 से 18 नवंबर के बीच 16 अलग-अलग घटनाओं में 20 से अधिक लोगों की जान गई।
केंद्र सरकार ने हालात संभालने के लिए सुरक्षा बलों की 50 कंपनियों (5,000 से अधिक जवान) की तैनाती की है। इन बलों को कानून-व्यवस्था बहाल करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
Kharge letter to the president on manipur violence, new political confrontation between BJP and congress