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Friday, 08 November 2024

जानिए 2024 में देवउठनी एकादशी का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Know the importance of dev uthani ekadashi in 2024, puja vidhi and shubh muhurat
Know the importance of dev uthani ekadashi in 2024, puja vidhi and shubh muhurat

सनातन धर्म में देवउठनी एकादशी का विशेष महत्व है, जिसे देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है। यह दिन भगवान विष्णु के योग निद्रा से जागने का प्रतीक माना जाता है। इस दिन से चार्तुमास समाप्त होता है और विभिन्न मांगलिक कार्यों जैसे शादी-ब्याह, मुंडन और गृह प्रवेश आदि की शुरुआत होती है।

इस वर्ष, देवउठनी एकादशी 12 नवंबर 2024 को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि 11 नवंबर की शाम 6:46 बजे से शुरू होगी और 12 नवंबर को शाम 4:04 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, पूजा और व्रत 12 नवंबर को करना श्रेष्ठ रहेगा।

देवउठनी एकादशी का पूजा मुहूर्त -

इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:42 बजे से शुरू होगा। इसके बाद, 7:42 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग का भी निर्माण होगा, जो विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

देवउठनी एकादशी को लेकर मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु शीर सागर में चार महीनों की योग निद्रा से जागते हैं। यह दिन हिंदू समाज में सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

पूजा विधि -

देवउठनी एकादशी के दिन व्रत रखने वाले भक्त भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और उनके द्वारा पापों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। साथ ही, इस दिन तुलसी के पौधे की भी पूजा की जाती है।

इस दिन की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है और भगवान विष्णु की कृपा से भक्तों के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

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