Saturday, 02 November 2024
Religious
जानिए गोवर्धन पूजा 2024 उत्सव का महत्व और छप्पन भोग का विशेष व्यंजन
दिवाली के अगले दिन कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को देशभर में गोवर्धन पूजा का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार 2024 में यह पर्व 2 नवंबर को मनाया जा रहा है। गोवर्धन पूजा के दिन भक्त भगवान कृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण को छप्पन भोग यानी अन्नकूट का भोग अर्पित किया जाता है, जो खास महत्व रखता है। आइए जानते हैं, इस पर्व का महत्व और छप्पन भोग में शामिल पारंपरिक पकवानों के बारे में।
गोवर्धन पूजा का महत्व -
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान कृष्ण ने इंद्र के अहंकार को तोड़ने के लिए सात दिन तक अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाए रखा, इस दौरान उन्होंने अन्न और जल का त्याग किया। जब वह वापस लौटे, तो माता यशोदा और ब्रजवासियों ने सात दिन और आठ पहर के अनुसार 56 प्रकार के व्यंजन तैयार किए और भगवान कृष्ण को अर्पित किए। इस प्रकार छप्पन भोग का प्रचलन शुरू हुआ ताकि भगवान के हर पहर का उपवास तृप्त हो सके।
छप्पन भोग में शामिल होते हैं सभी छह रस -
छप्पन भोग में खट्टा, मीठा, कसैला, कड़वा, अम्लीय और नमकीन सहित सभी छह स्वादों के व्यंजन होते हैं। इनमें मूंग दाल हलवा, माखन, मिश्री, पंजीरी, जलेबी, मालपुआ, काजू बादाम बर्फी, पकौड़े, साग, दही, खिचड़ी, चावल, कढ़ी, मुरब्बा, आम, केला, किशमिश, बैंगन की सब्जी, नारियल पानी, रसगुल्ला, रबड़ी, छाछ, शिकंजी, भुजिया, पान, मेवे, सुपारी, मीठे चावल, शिकंजी, टिक्की, दलिया, अंगूर, शक्करपारा, पंचामृत, मोहनभोग, पेड़ा, घेवर, जीरा लड्डू, मठरी, और आलूबुखारा कचौरी जैसे स्वादिष्ट पकवान शामिल किए जाते हैं।
इस भोग का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इसे अर्पित करने से भगवान कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Know the significance of govardhan puja 2024 festival and the special dish of chhappan bhog