Thursday, 19 September 2024
Religious
जानें कब है शारदीय नवरात्रि और क्या है कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि में भक्त नौ दिन देवी दुर्गा की पूजा और अराधना करते हैं। शारदीय नवरात्रि के हर दिन माता के अलग अगल रूपों की पूजा होती है। यह समय भक्ति और आस्था को होता है और माता भक्तों पर कृपा करती हैं। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान माता की अराधना से भक्तों के जीवन में सुख और समृद्धि आती है और सभी तरह के कष्टों का निवारण हो जाता है। ज्योतिषों के अनुसार इस वर्ष शारदीय नवरात्रि बेहद शुभ है।
शारदीय नवरात्रि अश्विन माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है। इस वर्ष इस साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ 2 अक्टूबर को देर रात 12 बजकर 18 मिनट से और 4 अक्टूबर को तड़के 2 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। इस साल शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 3 अक्टूबर दिन गुरुवार से होगा और 11 अक्टूबर का नवमी मनाने के साथ समाप्त होगा। 12 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी.
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है। इस बार कलश स्थानपा का शुभ मुहूर्त 3 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 15 मिनट से 7 बजकर 22 मिनट तक है। इसके बाद सुबह 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 33 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थानपा की जा सकती है.
इस बार शारदीय नवरात्रि में माता पालकी पर सवार होकर आने वाली हैं। देवी पुराण में पालकी पर माता की सवारी को अत्यंत शुभ माना गया है। नवरात्रि के गुरुवार और शुक्रवार के दिन शुरू होने पर माता की सवारी पालकी होती है।
शारदीय नवरात्रि में नौ दिनों तक माता के अलग अलग रूपों की पूरी भक्ति और आस्था से पूजा अर्चना की जाती है। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान माता की अराधना से भक्तों के जीवन में सुख और समृद्धि आती है और सभी तरह के कष्टों का निवारण हो जाता है।
Know when is shardiya navratri and what is the auspicious time for kalash sthapana