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Thursday, 31 October 2024

एनसीपी नेता सुप्रिया सुले का अजित पवार की टिप्पणी पर तीखा पलटवार

NCP leader supriya sule sharp retort to ajit pawar comment
NCP leader supriya sule sharp retort to ajit pawar comment

महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचाते हुए, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले ने बुधवार को अपने चचेरे भाई और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा एनसीपी के दिवंगत नेता आरआर पाटिल के खिलाफ की गई टिप्पणी को असंवेदनशील बताते हुए निंदा की। उन्होंने दिवंगत नेता की पत्नी और मां से माफी मांगी और इस बयान से हुई पीड़ा को साझा किया।

मंगलवार को एक रैली के दौरान अजित पवार ने आरोप लगाया कि उनके करीबी सहयोगी आरआर पाटिल ने सिंचाई घोटाले की जांच का आदेश देकर उन्हें धोखा दिया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुले ने कहा, यह टिप्पणी हमारे परिवार के लिए और दिवंगत आरआर पाटिल के परिवार के लिए पीड़ादायक है। मैं अजित पवार के इस असंवेदनशील बयान से हैरान और दुखी हूं।

सुले ने उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि 70,000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले के आरोप उन्होंने ही लगाए थे। अब जनता को जवाब देने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है कि उन आरोपों का क्या हुआ। उन्होंने कहा, यह फडणवीस ही थे जिन्होंने अजीत पवार के खिलाफ आरोप लगाए और अब उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि उन आरोपों में सच्चाई थी या नहीं।

सुले ने दिवंगत आरआर पाटिल, जिन्हें आबा के नाम से जाना जाता था, की निष्पक्षता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने शायद राज्य के हित में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का समर्थन किया था। शायद आरआर आबा ने यह सुनिश्चित करना चाहा कि अजित दादा बेदाग निकले, और उन्होंने यह निर्णय जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए लिया था।

इस विवाद के बीच, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भी स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कभी सिंचाई घोटाले की जांच का आदेश नहीं दिया था। उन्होंने कहा, मैंने कभी एफआईआर दर्ज करने का आदेश नहीं दिया और न ही घोटाला शब्द का इस्तेमाल किया। मैंने केवल जानकारी के लिए सिंचाई परियोजनाओं पर श्वेत पत्र मांगा था।

चव्हाण ने बताया कि उनकी सरकार की विफलता की एक वजह यह अफवाहें भी थीं, जिसमें उनकी भूमिका को लेकर गलत आरोप लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल की एक रैली में सिंचाई घोटाले का मुद्दा उठाया था और यह 70,000 करोड़ रुपये का मामला बना दिया गया था।

इस घटनाक्रम से महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है, जहां एनसीपी, भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सुले और चव्हाण की टिप्पणियां राज्य में राजनीतिक ध्रुवीकरण को और मजबूत कर रही हैं।

इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस को देखना दिलचस्प होगा कि देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार इस घोटाले पर उठ रहे सवालों का क्या जवाब देते हैं।

  NCP leader supriya sule sharp retort to ajit pawar comment