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Tuesday, 05 November 2024

पंजाब में फिर बढ़ा प्रदूषण का स्तर, धुंध के कारण लोगों का घरों से निकलना हुआ मुश्किल

Pollution level increased again in punjab, people found it difficult to leave their homes due to haze
Pollution level increased again in punjab, people found it difficult to leave their homes due to haze

दीपावली के बाद प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे अमृतसर सहित कई शहरों में सुबह-शाम स्मॉग की लहर फैल रही है। इसका प्रभाव सबसे अधिक बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ा है, जहां अस्पतालों में आंखों में जलन, सांस और फेफड़ों से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अमृतसर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरे के निशान से ऊपर है, जो भविष्य में स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।

दीपावली के बाद से ही हवा में प्रदूषण बढ़ गया है, और धान की कटाई के बाद भी सांस के रोगियों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। स्कूलों में बच्चों में खांसी, जुकाम और बुखार के मामले बढ़ गए हैं। कई लोग मास्क पहनकर और रूमाल बांधकर बाहर निकलने के लिए मजबूर हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक बारिश नहीं होगी, तब तक स्मॉग का असर बना रहेगा।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के टी.बी. कंट्रोल के नोडल अधिकारी, डॉ. नरेश चावला ने बताया कि स्मॉग ठंडी हवा, धूल और जहरीले तत्वों के मिलकर बनने से होता है। यह दृश्यता को बाधित करता है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाना चाहिए।

सरकारी टी.बी. हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर संदीप महाजन का कहना है कि स्मॉग अस्थमा, साइनस और एलर्जी के मरीजों के लिए गंभीर खतरा है। वहीं, डॉ. विशाल वर्मा के अनुसार, स्मॉग से फेफड़ों के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, खासकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए। जिला टी.बी. अधिकारी डॉ. विजय गोतवाल ने बताया कि स्मॉग से आंखों की नमी भी प्रभावित होती है, जिससे आंखों में सूखापन, जलन और खुजली होती है। उन्होंने सलाह दी कि दिन में कई बार आंखों को धोएं और घर से निकलते समय गॉगल्स का इस्तेमाल करें।

IMA के सदस्य डॉ. रजनीश शर्मा ने सलाह दी है कि स्मॉग के दिनों में आउटडोर गतिविधियों को सीमित रखें, जैसे दौड़ना, साइकिल चलाना या टहलना। घरों की खिड़कियां-दरवाजें बंद रखें, हरी सब्जियां और पौष्टिक आहार का सेवन करें, जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सके। स्मॉग के गंभीर प्रभावों को देखते हुए, डॉक्टर ने तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी है और धूम्रपान से बचने पर जोर दिया है।

अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सतर्क रहने और स्वस्थ आदतें अपनाने की सलाह दी है ताकि प्रदूषण के इस दौर में स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सके।

  Pollution level increased again in punjab, people found it difficult to leave their homes due to haze