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Friday, 18 July 2025

पंजाब सरकार ने बचाए 350 मासूम बच्चे, भीख मंगवाने से निकाले, शिक्षा से जोड़ा

Punjab Government Rescues 350 Children from Begging, Connects Them to Education and Welfare
Punjab Government Rescues 350 Children from Begging, Connects Them to Education and Welfare

पंजाब सरकार ने राज्य में भीख मंगवाने वाले बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक मिसाल कायम की है। बीते 9 महीनों में सरकार ने 350 बच्चों को सड़कों से रेस्क्यू कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा है। यह अभियान ‘जीवनजोत प्रोजेक्ट’ के तहत चलाया गया, जिसका उद्देश्य है बच्चों को भीख जैसी अमानवीय स्थिति से निकालकर उन्हें शिक्षा, पोषण और सुरक्षा देना।

सामाजिक सुरक्षा विभाग की टीमों ने राज्यभर में 753 जगहों पर छापे मारे। जहां-जहां बच्चे सड़कों, बाज़ारों या धार्मिक स्थलों पर भीख मांगते मिले, उन्हें तत्काल रेस्क्यू किया गया। इनमें से कई बच्चे अपने असली माता-पिता के साथ नहीं थे, जिससे शक और गहराया।

इन 350 बच्चों में से 150 बच्चे अन्य राज्यों से थे, जिन्हें वापस उनके गृह राज्य भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। 17 बच्चे ऐसे थे जिनकी पहचान नहीं हो सकी, उन्हें फिलहाल बाल संरक्षण गृहों में रखा गया है।

रेस्क्यू किए गए बच्चों में से 183 को स्कूलों में दाखिला दिलाया गया, ताकि उनकी शिक्षा जारी रह सके। 13 बच्चे 6 साल से कम उम्र के थे, जिन्हें आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ा गया। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया कि इन बच्चों को आर्थिक सहयोग मिले—कई को ₹4000 की स्पॉन्सरशिप, तो कुछ को ₹1500 की पेंशन दी जा रही है।

सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, 57 बच्चे अभी भी ट्रेस नहीं हो सके हैं। अधिकारियों का मानना है कि वे या तो परिवार से अलग हो चुके हैं या उन्हें कहीं छिपा दिया गया है। इनकी तलाश और जांच अभी भी जारी है।

पंजाब सरकार का यह कदम न केवल इन 350 बच्चों का जीवन बदल रहा है, बल्कि बाल अधिकारों की दिशा में एक नई सोच को जन्म दे रहा है। यह अभियान दर्शाता है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो सरकारी तंत्र बच्चों को भीख नहीं, कलम और किताब थमा सकता है।