Monday, 07 July 2025
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भोपाल राजघराने की विरासत पर झटका: हाईकोर्ट ने सैफ अली खान, शर्मिला टैगोर और परिवार को वारिस मानने का आदेश खारिज किया
भोपाल, 7 जुलाई:
बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान और उनके परिवार को भोपाल राजघराने की संपत्ति विवाद में बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस पुराने फैसले को खारिज कर दिया है, जिसमें सैफ, उनकी बहनें सोहा और सबा अली खान, और मां शर्मिला टैगोर को नवाब हमीदुल्ला खान की संपत्तियों का उत्तराधिकारी माना गया था।
यह मामला साल 1999 में शुरू हुआ था, जब नवाब हमीदुल्ला खान के अन्य उत्तराधिकारियों ने ट्रायल कोर्ट में अपील दायर की थी। उन्होंने दावा किया था कि भोपाल की गद्दी की उत्तराधिकार पर आधारित संपत्ति का वितरण गलत तरीके से सज्जिदा सुल्तान (नवाब की दूसरी बेटी व सैफ की दादी) के पक्ष में कर दिया गया।
साल 2000 में ट्रायल कोर्ट ने यह आदेश पारित किया था, जो अब हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने यह मामला वापस ट्रायल कोर्ट को भेजते हुए कहा है कि एक साल के भीतर फिर से सुनवाई पूरी कर निर्णय लिया जाए।
अपीलकर्ताओं ने हाईकोर्ट में तर्क दिया कि निचली अदालत ने यह गलती की कि उसने नवाब की निजी संपत्तियों को भी गद्दी का हिस्सा मान लिया, जबकि वे संपत्तियाँ उत्तराधिकार कानून के तहत अलग रूप में जानी जाती हैं।
अगर पुनः सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट कोई भिन्न निर्णय देता है, तो इससे भोपाल राजघराने की पूरी विरासत संरचना बदल सकती है।
यह पहला मौका नहीं है जब सैफ अली खान और उनके परिवार को विरासत से जुड़े मामलों में कानूनी झटका लगा हो। इसी साल जनवरी में भी हाईकोर्ट ने उन्हें सरकार द्वारा "शत्रु संपत्ति" घोषित की गई भोपाल स्थित पटौदी परिवार की ऐतिहासिक संपत्तियों (जिसका मूल्य लगभग ₹15,000 करोड़ आंका गया) के मामले में अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष जाने के निर्देश दिए थे।