Friday, 04 October 2024
Punjab News
नाराज सुनील जाखड़ के इस्तीफे की अटकलें, भाजपा पंजाब में नए अध्यक्ष की खोज में जुटी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ पार्टी के आंतरिक व्यवहार से नाराज हैं। हालाँकि, उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उनके इरादे स्पष्ट हैं।
जाखड़ ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण पार्टी बैठकों में भाग नहीं लिया, जिससे उनके असंतोष की झलक मिली। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ हालिया बैठकों में पार्टी नेतृत्व की उपेक्षा पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी बातचीत में कहा कि पंजाब में भाजपा का प्रभाव कम है, जो सीमावर्ती राज्य के प्रति नेतृत्व के कम लगाव के कारण है।
जाखड़ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक में राज्यसभा सीट या केंद्रीय मंत्री पद की पेशकश न मिलने पर भी नाखुशी जताई। भाजपा के सूत्रों के अनुसार, जाखड़ इस बात से भी नाराज हैं कि भाजपा में शामिल हुए रवनीत सिंह बिट्टू को मंत्री बनाया गया है, जबकि वह लुधियाना से संसदीय चुनाव हार चुके हैं।
जाखड़ की नाराजगी का एक और कारण यह है कि जब फरवरी में पीयूष गोयल सहित तीन केंद्रीय मंत्रियों को किसान नेताओं से बात करने के लिए चंडीगढ़ भेजा गया था, तब उन्हें इस बारे में सूचित नहीं किया गया। जाखड़ ने अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से भी व्यक्त की थी।
इस बीच, ऐसी चर्चा है कि जाखड़ अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस में वापस जाने के इच्छुक हैं। कहा जा रहा है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के संपर्क में हैं, जिन्होंने हाल ही में जाखड़ से मुलाकात की। हालांकि, चन्नी के करीबी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस जाखड़ को वापस लेने में संकोच कर रही है, क्योंकि उन्होंने पार्टी को एक महत्वपूर्ण मोड़ पर छोड़ दिया था।
भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए संभावित विकल्पों पर चर्चा की जा रही है। पार्टी सिख चेहरे की तलाश में है, और वरिष्ठ नेता केवल ढिल्लों को जिम्मेदारी सौंप सकती है। वहीं, यदि भाजपा हिंदू उम्मीदवार की तलाश कर रही है, तो तरुण चुग और सुभाष शर्मा जैसे प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा इस बार एक ऐसा प्रदेश अध्यक्ष चाहती है जो पार्टी की विचारधारा से जुड़ा हो। इस समय, न केवल जाखड़, बल्कि पंजाब में भाजपा में शामिल हुए अन्य कई नेता भी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
पंजाब की राजनीतिक स्थिति और चुनावी रणनीतियों के बीच भाजपा को यह समझना होगा कि राज्य में उसकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है, विशेषकर जब आम आदमी पार्टी (आप) ने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूरी तरह से हरा दिया था।
Speculation of resignation of angry sunil jakhar, BJP busy searching for new president in punjab