Wednesday, 06 November 2024
National
हल्के परिवहन वाहनों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, LMV लाइसेंस धारकों को मिली नई अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित एक अहम मामले में वाहन चालकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए अपने 2017 के फैसले को बरकरार रखा है। इस फैसले के अनुसार, हल्के मोटर वाहन (LMV) लाइसेंस धारक अब 7500 किलोग्राम तक के हल्के ट्रांसपोर्ट वाहनों को चलाने के योग्य माने जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट की इस 5 सदस्यीय संविधान पीठ का नेतृत्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने किया, जिसमें न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा, न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे। बेंच ने इस मामले में 21 अगस्त को सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो अब जारी किया गया है।
यह फैसला बीमा कंपनियों के लिए झटका साबित हुआ है, क्योंकि बीमा कंपनियां उन मामलों में दावों को खारिज कर रही थीं जहां ट्रांसपोर्ट वाहन के चालकों के पास उस वाहन के लिए विशेष ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इस फैसले के अनुसार, LMV लाइसेंस धारक भी ट्रांसपोर्ट वाहन चला सकते हैं, जिससे बीमा कंपनियों की दावों की आपत्ति कमजोर पड़ जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसा कोई डेटा नहीं है जो यह दर्शाता हो कि LMV लाइसेंस धारकों ने सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि में योगदान दिया है। कोर्ट के इस फैसले से एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को राहत मिलेगी, जिन्हें 7500 किलोग्राम तक के ट्रांसपोर्ट वाहनों को चलाने का कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया है।
इस मामले के फैसले के बाद, बीमा कंपनियों द्वारा दावों के भुगतान में आपत्ति जताने की प्रवृत्ति पर विराम लग सकता है। बीमा कंपनियों ने पूर्व में अदालतों और मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) द्वारा बीमा दावों के भुगतान को लेकर विरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से ट्रांसपोर्ट वाहनों से जुड़े दुर्घटना मामलों में दावों का निपटारा तेजी से होने की उम्मीद है।
Supreme court's big decision on light transport vehicles, LMV license holders get new permission