Sunday, 01 December 2024
Business
इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार की धारणा पर इन प्रमुख कारकों का प्रभाव रहेगा
विश्लेषकों का कहना है कि इस सप्ताह भारतीय इक्विटी बाजार की दिशा वैश्विक रुझानों, विदेशी फंड्स की आवाजाही, महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों की घोषणाओं और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ब्याज दर फैसलों से निर्धारित होगी। इसके अलावा, निवेशकों की नजर मासिक ऑटो बिक्री आंकड़ों पर भी बनी रहेगी, जो बाजार की भविष्यवाणी पर महत्वपूर्ण असर डाल सकते हैं।
इस सप्ताह बाजार सोमवार को भारत की निराशाजनक 5.4 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि पर प्रतिक्रिया कर सकते हैं। आगामी आरबीआई नीति बैठक भी महत्वपूर्ण होगी, जिसमें ब्याज दर निर्णय और उसके साथ की गई टिप्पणियां निवेशकों का ध्यान आकर्षित करेंगी।
वैश्विक मोर्चे पर, रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी भू-राजनीतिक तनावों का असर भारतीय बाजारों पर पड़ सकता है। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीना के अनुसार, भारत, अमेरिका और चीन से जारी होने वाले विनिर्माण पीएमआई, साथ ही अमेरिकी नौकरियों के आंकड़े और फेड चेयर जेरोम पॉवेल के भाषण से भी बाजार की धारणा प्रभावित हो सकती है।
भारत की आर्थिक वृद्धि जुलाई-सितंबर तिमाही में दो साल के निचले स्तर 5.4 प्रतिशत पर आ गई, मुख्य रूप से विनिर्माण और खनन क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन और कमजोर खपत के कारण। हालांकि, भारत अभी भी सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जैसा कि हालिया आंकड़ों से पता चलता है। पिछले सप्ताह भारतीय इक्विटी बाजारों ने अस्थिरता के बाद सकारात्मक नोट पर बंद किया, जिसमें बीएसई बेंचमार्क सेंसेक्स ने 685.68 अंक (0.86%) और एनएसई निफ्टी ने 223.85 अंक (0.93%) की वृद्धि दर्ज की।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड की निदेशक पलका अरोड़ा चोपड़ा ने बताया कि इस सप्ताह बाजार का रुख मुख्य रूप से भारत के विनिर्माण और सेवा पीएमआई, ब्याज दर निर्णय, अमेरिकी पीएमआई, गैर-कृषि पेरोल और बेरोजगारी दावों जैसे प्रमुख घरेलू और वैश्विक आंकड़ों से निर्देशित होगा।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा के अनुसार, जीडीपी आंकड़ों पर शुरुआती प्रतिक्रिया के बाद, निवेशकों का ध्यान आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा पर होगा। इसके अलावा, ऑटो बिक्री, विनिर्माण और सेवा पीएमआई जैसे उच्च आवृत्ति संकेतक भी बाजार की दिशा तय करेंगे।
विश्लेषकों ने कहा कि वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड और रुपया-डॉलर की प्रवृत्तियां भी भारतीय इक्विटी बाजार के रुझान को प्रभावित करेंगी। विदेशी निवेश प्रवाह को लेकर भी बाजार की भावना में बदलाव देखा जा सकता है।
इस सप्ताह बाजार में हलचल के बीच, निवेशकों को इन प्रमुख घटनाओं और संकेतकों का ध्यान रखते हुए निर्णय लेना होगा।
These key factors will be influential on the sentiment of the indian equity market this week