Saturday, 16 November 2024
Business
वोडाफोन आइडिया की वित्तीय चुनौतियां बढ़ीं, ऋण-वित्तपोषण योजना में देरी से मुश्किलें बढ़ीं
वोडाफोन आइडिया (Vi) की वित्तीय परेशानियां और गंभीर हो गई हैं, क्योंकि इसकी ₹25,000 करोड़ की ऋण-वित्तपोषण योजना में महत्वपूर्ण देरी हो रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस देरी ने Vi की वित्तीय स्थिति में सुधार की संभावनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कंपनी को बड़ा झटका तब लगा जब सुप्रीम कोर्ट ने समायोजित सकल राजस्व (AGR) बकाया की पुनर्गणना के लिए Vi की क्यूरेटिव याचिका खारिज कर दी। वर्तमान में Vi पर ₹70,320 करोड़ का AGR बकाया है, जिसे चुकाने में कंपनी को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कंपनी को मार्च 2026 तक ₹29,000 करोड़ की सरकारी देनदारी और मार्च 2027 तक ₹43,000 करोड़ की अतिरिक्त देनदारियां चुकानी हैं। इन बढ़ती वित्तीय जिम्मेदारियों ने कंपनी की हालत और खराब कर दी है।
सरकार, जिसके पास Vi में 23.15% हिस्सेदारी है, कंपनी की वित्तीय स्थिति सुधारने में अहम भूमिका निभा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विश्लेषकों को उम्मीद है कि सरकार बकाया राशि को इक्विटी में बदलने पर विचार कर सकती है। आदित्य बिड़ला समूह (14.76%) और वोडाफोन समूह (22.56%) जैसे प्रमुख शेयरधारक भी कंपनी की वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाने में मदद कर सकते हैं।
वोडाफोन आइडिया ने अगले तीन वर्षों में ₹50,000-55,000 करोड़ के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) के जरिए 4जी कवरेज बढ़ाने और प्राथमिकता वाले बाजारों में 5जी सेवाएं लॉन्च करने की योजना बनाई है। लेकिन वित्तपोषण में देरी से इन योजनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।
Vi के CEO अक्षय मूंदड़ा के अनुसार, बैंक ऋण प्रदान करने से पहले AGR बकाया पर सरकार से स्पष्टता और बैंक गारंटी (BG) में संभावित छूट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कंपनी 2022 से पहले प्राप्त स्पेक्ट्रम के लिए बैंक गारंटी हटाने के लिए भी सरकार से बातचीत कर रही है। यदि यह मुमकिन होता है, तो बैंक गारंटी में ₹24,746 करोड़ की राहत मिल सकती है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंताएं गहराती जा रही हैं, खासतौर पर रिलायंस जियो और भारती एयरटेल जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच। ऋण-वित्तपोषण में देरी Vi की योजनाओं और बाजार में टिके रहने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
Vodafone idea financial challenges increase, delay in debt-financing plan adds to trouble