Friday, 15 November 2024
Religious
देव दीपावली 2024 के दिन घर में ऐसे करें पूजा और जानें दीपक जलाने के खास स्थान
देव दीपावली 2024 का शुभ पर्व आज, 15 नवंबर को मनाया जा रहा है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा के पावन दिन देव दीपावली मनाई जाती है। यह दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा के लिए खास माना गया है। इस अवसर पर गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान और दीपदान का भी विशेष महत्व है। वाराणसी के घाटों पर यह पर्व भव्य रूप से मनाया जाता है, लेकिन आप इसे अपने घर पर भी पूरे विधि-विधान से मना सकते हैं। आइए जानते हैं देव दीपावली का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और दीपक जलाने के खास स्थानों के बारे में।
देव दीपावली का शुभ मुहूर्त -
इस वर्ष देव दीपावली की पूजा का शुभ समय शाम 5:11 बजे से लेकर रात 7:47 बजे तक रहेगा। पूजा के लिए इस समय को बेहद शुभ माना गया है।
देव दीपावली की पूजा विधि -
1. पूजा स्थल की सफाई: पूजा से पहले घर के पूजा स्थल की सफाई कर लें और देवी-देवताओं की मूर्तियों या तस्वीरों को गंगाजल से शुद्ध करें।
2. भगवान शिव की पूजा: इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है।
- शिवलिंग पर चंदन, फूल, भांग, धतूरा और शहद अर्पित करें।
- भगवान शिव का ध्यान कर त्रिपुरासुर राक्षस के वध की कथा सुनें।
3. भगवान विष्णु और तुलसी पूजन: भगवान विष्णु और माता तुलसी की पूजा करें। तुलसी के पास दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है।
इन स्थानों पर अवश्य जलाएं दीपक -
1. तुलसी के पास: तुलसी के पास घी का दीपक जलाने से सुख-समृद्धि और करियर में प्रगति होती है।
2. मुख्य द्वार: मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से देवी-देवताओं का आपके घर में शुभ प्रवेश होता है।
3. रसोई (किचन): माता अन्नपूर्णा को प्रसन्न करने के लिए रसोई में दीपक जलाएं। इससे घर में अन्न की कभी कमी नहीं होती।
4. ईशान कोण: घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में दीपक जलाने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।
5. दक्षिण कोण: अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए दक्षिण कोने में चौमुखी दीपक जलाएं।
6. पीपल के पेड़ के नीचे: समृद्धि और शांति के लिए पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।
देव दीपावली का महत्व -
पौराणिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था। इस उपलक्ष्य में देवताओं ने दीप जलाकर उत्सव मनाया था। तभी से इस पर्व को देव दीपावली के रूप में मनाया जाता है।
Worship in the house on the day of dev deepawali 2024 and learn a special place to light lamps