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केजरीवाल ने RSS प्रमुख भागवत को लिखा पत्र, उठाए 5 महत्वपूर्ण सवाल

Kejriwal wrote a letter to RSS chief bhagwat, raised 5 important questions
Kejriwal wrote a letter to RSS chief bhagwat, raised 5 important questions
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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को एक पत्र लिखकर पांच सवाल उठाए हैं। इसमें उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिटायरमेंट तक के मुद्दों पर अपनी चिंता व्यक्त की है।

केजरीवाल ने पत्र में कहा है कि वे देश की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंतित हैं और भाजपा सरकार की नीतियों को देश के लिए हानिकारक मानते हैं। उनका मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो देश के लोकतंत्र को गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पत्र उन्होंने आम नागरिक के रूप में लिखा है, न कि एक राजनीतिक नेता के तौर पर।

केजरीवाल के पांच सवाल:

1. दूसरी पार्टियों के नेताओं को तोड़ने पर: देशभर में नेताओं को लालच या फिर ED-CBI की धमकी देकर दूसरी पार्टियों से तोड़ा जा रहा है और सरकारें गिराई जा रही हैं। क्या इस तरीके से चुनी हुई सरकारों को गिराना सही है? क्या RSS को यह मंजूर है?

2. भ्रष्ट नेताओं का BJP में शामिल होना: कुछ नेताओं को खुद प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने भ्रष्टाचारी कहा, लेकिन कुछ दिन बाद उन्हें BJP में शामिल कर लिया गया। क्या RSS ने ऐसी BJP की कल्पना की थी? क्या आपको यह सब देखकर कष्ट नहीं होता?

3. BJP को सही दिशा देने पर: RSS की जिम्मेदारी है कि यदि BJP गलत राह पर जाए तो उसे सही राह पर लाया जाए। क्या आपने कभी PM मोदी को गलत कामों से रोकने की कोशिश की है?

4. RSS और BJP के संबंध पर: जेपी नड्डा ने लोकसभा चुनाव के दौरान कहा कि अब BJP को RSS की जरूरत नहीं है। इस बयान से RSS कार्यकर्ता आहत हुए थे। आप इस पर क्या सोचते हैं?

5. BJP के 75 साल के रिटायरमेंट कानून पर: 75 साल की उम्र के बाद BJP नेताओं को रिटायर करने का कानून बना था, जिसके तहत आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी जी जैसे नेताओं को रिटायर किया गया। क्या अब इस कानून का पालन हो रहा है और क्या इसे PM मोदी पर भी लागू होना चाहिए?

केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि मोहन भागवत इन सवालों के उत्तर देंगे और देश को इन मुद्दों पर उनकी राय जानने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा, 22 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जनसभा के दौरान केजरीवाल ने भागवत से यही सवाल पूछे थे।

इस बीच, आतिशी ने 21 सितंबर को दिल्ली की 9वीं मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वे दिल्ली की सबसे युवा (43 साल) मुख्यमंत्री हैं और उन्होंने शिक्षा, PWD और वित्त जैसे 13 विभाग अपने पास रखे हैं।

केजरीवाल ने 17 सितंबर को उपराज्यपाल को सीएम पद से इस्तीफा सौंपा था।

केजरीवाल का इस्तीफा के प्रमुख कारण

1. सीमित पावर: केजरीवाल ने 177 दिन जेल में बिताने के बाद जमानत पाई, लेकिन उन्हें सीएम ऑफिस जाने और फाइल पर साइन करने की अनुमति नहीं थी।

2. सिर्फ 5 महीने का कार्यकाल बचा: दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल फरवरी 2025 में खत्म हो रहा है, जिससे चुनावी फैसले लेने में मुश्किल हो रही है।

3. ईमानदार नेता की छवि: केजरीवाल की ईमानदारी पर सवाल उठाए जा रहे थे, इसलिए इस्तीफे के बाद वे भाजपा के नेताओं को यह कह सकेंगे कि उन्होंने केवल आरोपों के कारण पद छोड़ा।

21 मार्च 2024 को शराब नीति केस में ED ने केजरीवाल को गिरफ्तार किया था।

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