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बस मार्शल मुद्दे पर हंगामा करने पर सौरभ भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज

FIR lodged against saurabh bharadwaj for creating ruckus on bus marshal issue
FIR lodged against saurabh bharadwaj for creating ruckus on bus marshal issue
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दिल्ली में बस मार्शलों की बहाली के मुद्दे पर हुए हंगामे को लेकर आप मंत्री सौरभ भारद्वाज और पार्टी के तीन अन्य विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस ने यह एफआईआर रविवार को सचिवालय और उपराज्यपाल के आवास पर हंगामा करने के आरोप में दर्ज की। शिकायत के अनुसार, भारद्वाज और तीन अन्य आप विधायकों पर सिविल लाइंस थाने में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

यह शिकायत दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की ओर से की गई थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

शनिवार को इस मुद्दे पर आप विधायक सौरभ भारद्वाज और अन्य नेता भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता के पैर पकड़कर उनसे अनुरोध करते हुए देखे गए, कि वे बस मार्शल के कैबिनेट नोट पर उपराज्यपाल से मंजूरी दिलाने में सहयोग करें।

गुप्ता का आरोप है कि आप विधायक सौरभ भारद्वाज, कुलदीप कुमार, जरनैल सिंह और रोहित मेहरोलिया ने इस दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिससे स्थिति बिगड़ी और हाथापाई हुई। भाजपा विधायकों ने इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को भी ज्ञापन सौंपा।

दरअसल, दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन बसों में तैनात 10,000 से अधिक नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को पिछले साल हटा दिया गया था, जिसके बाद इस मामले को लेकर आप और भाजपा के बीच तनाव बढ़ गया। मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा विधायकों के साथ मिलकर उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात की और बस मार्शलों की बहाली के लिए कैबिनेट नोट सौंपा।

इस मुलाकात के बाद आतिशी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बस मार्शल के मुद्दे पर भाजपा ने विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा, पहले भाजपा विधायक उपराज्यपाल से मिलने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन हम उन्हें किसी तरह साथ लाने में सफल हुए। उपराज्यपाल के समक्ष भी उन्होंने कैबिनेट नोट पर हस्ताक्षर करवाने की पहल नहीं की। यह बस मार्शलों के प्रति पूर्ण विश्वासघात है, और अब उनकी बहाली की जिम्मेदारी भाजपा पर है।

यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति में बढ़ते तनाव का प्रतीक बनता जा रहा है, जिसमें दोनों दलों के बीच सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तकरार बढ़ती जा रही है।

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