आम आदमी पार्टी (AAP) हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में अपनी पहचान बनाने में विफल रही है। शुरुआती रुझानों के अनुसार, 90 सीटों पर पार्टी के किसी भी उम्मीदवार को बढ़त नहीं मिल रही है। यदि ये रुझान जारी रहते हैं, तो यह AAP के लिए एक बड़ा झटका होगा, खासकर दिल्ली विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले।
हरियाणा विधानसभा चुनावों में AAP के कमजोर प्रदर्शन ने इस बात पर बहस छेड़ दी है कि क्या पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करने से इंकार करके एक रणनीतिक गलती की। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने AAP के साथ गठबंधन का विरोध किया, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि इससे वोटों का बंटवारा नहीं होगा, और विपक्ष को भाजपा को हराने का एक बेहतर मौका मिलेगा।
सूत्रों का कहना है कि AAP के वरिष्ठ नेतृत्व ने गठबंधन में रुचि दिखाई थी, लेकिन बातचीत रुक गई, क्योंकि पार्टी हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों में से कम से कम 10 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती थी। वहीं, कांग्रेस सात से अधिक सीटें छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी।
गठबंधन पर चर्चा विफल होने का संभावित नुकसान कांग्रेस को सात सीटों—कलायत, रानिया, पेहवा, बरवाला, जींद, भिवानी और गुरुग्राम—पर हो सकता था। हालाँकि, केवल चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि AAP का प्रभाव कितना बड़ा रहा है।
Haryana elections 2024: Aam aadmi party performance disappointing, party performance weak in initial trends