हाल ही में महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन के बाद, पार्टी 29 नवंबर को अपनी कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की अहम बैठक करेगी। इस बैठक में चुनावी नाकामियों और मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है।
महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी को भारी नुकसान हुआ है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने सिर्फ 20 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस और शरद पवार गुट की एनसीपी ने क्रमशः 16 और 10 सीटों पर जीत हासिल की।
इसके विपरीत, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 132 सीटों के साथ शानदार जीत दर्ज की। उनके सहयोगी दलों - एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी - ने क्रमशः 57 और 41 सीटों पर जीत दर्ज की।
सीट-बंटवारे के तहत कांग्रेस ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल 16 सीटें ही जीत पाई, जिससे पार्टी और गठबंधन दोनों की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।
हरियाणा में भाजपा ने 90 सीटों वाली विधानसभा में 48 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस ने यहां 37 सीटें जीतीं, जो कि अपेक्षाओं से कम रही।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, कांग्रेस महाराष्ट्र और हरियाणा में अपेक्षित परिणाम देने में असफल रही। भारत गठबंधन के तहत हमें उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन यह एक बड़ी विफलता है।
बनर्जी ने विपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA) के लिए एकीकृत नेतृत्व की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, अगर भारत गठबंधन को भाजपा के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना है, तो उसे एक सशक्त नेता की जरूरत है। कांग्रेस ने कई प्रयोग किए, लेकिन वे सफल नहीं हुए।
29 नवंबर को होने वाली CWC बैठक में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व चुनावी हार की समीक्षा करेगा और भारत गठबंधन के साथ भविष्य की रणनीति तैयार करेगा। इस बैठक से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कांग्रेस कैसे अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकती है और विपक्षी एकता को मजबूत कर सकती है।
Congress CWC meeting on november 29, Maharashtra and haryana electoral failure to be discussed