पंजाब में धान की खरीद में सुस्ती को लेकर किसान सड़कों पर उतर आए हैं। कई दिनों से चल रहा किसानों और पंजाब सरकार के बीच का तनाव 11 नवंबर को तीखी झड़प में बदल गया। बठिंडा के रायके कलां गांव में किसानों ने धान की खरीद और उठान में तेजी लाने की मांग को लेकर अधिकारियों को बंधक बना लिया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने बंधक अधिकारियों को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन इस प्रयास में किसानों से झड़प हो गई। इस झड़प के बाद किसानों ने गुस्से में पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ भी की। दूसरी ओर, पुलिस ने भी आक्रामक स्थिति में लाठीचार्ज कर दिया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
भारतीय किसान यूनियन एकता (उग्रराहा) से जुड़े नेता जगसीर सिंह झुंबा ने बताया कि किसान कई दिनों से मंडियों का दौरा कर रहे हैं और धान की खरीद को लेकर शिकायत कर रहे हैं। कलां गांव की मंडी में भी धान की खरीद के मुद्दे पर किसानों ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को बंधक बना लिया। इसके बाद पुलिस ने जब हस्तक्षेप किया, तो स्थिति बेकाबू हो गई और किसानों पर लाठीचार्ज किया गया।
इस घटना में घायल एएसआई परमजीत सिंह ने बताया कि प्रदर्शन से लौटते वक्त किसानों ने पुलिस पर हमला कर दिया। पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की, जिससे किसानों का विरोध बढ़ गया। एएसआई परमजीत सिंह को हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं, और उनका इलाज सरकारी अस्पताल में चल रहा है।
डीएसपी सिटी वन हरबंस सिंह धालीवाल ने कहा कि रायके कलां गांव में किसानों और पुलिस के बीच झड़प की सूचना मिलते ही वे घटनास्थल पहुंचे और घायलों का उपचार करवाया। उन्होंने पुष्टि की कि इस दौरान पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। उन्होंने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है, और कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Controversy over paddy procurement in punjab, fierce clash between farmers and police in bathinda