दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में अपनी सफल महिला-केंद्रित कल्याण योजनाओं को आधार बनाकर दिल्ली में अपनी रणनीति तैयार की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा अपने घोषणापत्र में महिलाओं के लिए प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण योजना को प्रमुख रूप से शामिल करने जा रही है।
महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की महिला सशक्तिकरण योजना और लड़की बहन योजना ने चुनावी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन योजनाओं के तहत महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास, और परिवार की महिला मुखिया को मासिक नकद हस्तांतरण दिया गया। भाजपा अब दिल्ली में इन्हीं पहल को दोहराने की योजना बना रही है।
दिल्ली भाजपा का घोषणापत्र तैयार करने वाली समिति फिलहाल इस योजना को अंतिम रूप देने में जुटी है। योजना में पात्रता की कुछ सीमाएं हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त, भाजपा रोजगार सुरक्षा, संविदा नौकरियों का नियमितीकरण, वेतन संशोधन, और छात्रवृत्ति जैसे मुद्दों को भी अपने घोषणापत्र में शामिल करेगी।
दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) भी महिला-केंद्रित योजनाओं को लेकर सक्रिय है। 2024-25 के बजट में घोषित मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना, 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को 1,000 रुपये मासिक सहायता देने का वादा करती है। हालांकि योजना को अब तक लागू नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि चुनावी माहौल में इसे आक्रामक रूप से प्रचारित किया जाएगा।
भाजपा ने दिल्ली सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। यमुना नदी की सफाई, दिल्ली की सड़कों की मरम्मत, और मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण की कथित उच्च लागत जैसे मुद्दे भाजपा के निशाने पर हैं।
महिला-केंद्रित योजनाओं ने हाल के चुनावों में कई राज्यों में राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार की माया योजना, जो आदिवासी और वंचित महिलाओं को सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है, ने भारत ब्लॉक के लिए व्यापक समर्थन जुटाया।
दिल्ली में आगामी चुनाव भाजपा और आप के लिए साख की लड़ाई हैं। भाजपा महिला मतदाताओं को साधने के लिए अपनी कल्याणकारी योजनाओं पर जोर दे रही है, जबकि आप अपनी मौजूदा योजनाओं के प्रभाव को भुनाने की कोशिश में है।
जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहे हैं, मतदाताओं को पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह चुनाव न केवल राजनीतिक दलों के लिए बल्कि महिला मतदाताओं के लिए भी अहम साबित हो सकता है, क्योंकि महिला-केंद्रित योजनाएं राजनीतिक और सामाजिक बदलाव का नया केंद्र बनती जा रही हैं।
Delhi Elections: Will BJP adopt cash transfer scheme for women empowerment?