मध्य प्रदेश के पलक्कड़ विधानसभा उपचुनाव के दौरान आधी रात को पुलिस की छापेमारी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। बुधवार रात, कांग्रेस की प्रमुख महिला नेता बिंदु कृष्णा और शनिमोल उस्मान के कमरों सहित कई अन्य कमरों की तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक, यह छापेमारी काले धन के संदेह पर आधारित थी। कांग्रेस ने इसे आधी रात का पुलिस ड्रामा करार देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और माकपा ने मिलकर ये साजिश रची है, क्योंकि वे चुनाव में हार से डरते हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और केपीसीसी अध्यक्ष के. सुधाकरन ने इस पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे घिनौनी घटना बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और माकपा ने कांग्रेस को निशाना बनाने के लिए यह षड्यंत्र रचा। कांग्रेस के नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि महिला अधिकारियों की गैरमौजूदगी में महिला नेताओं के कमरों की तलाशी क्यों ली गई।
माकपा और भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि तलाशी केवल नियमित प्रक्रिया का हिस्सा थी और सभी दलों के नेताओं के कमरों में जांच की गई। माकपा नेता पी के श्रीमति ने कहा कि चुनाव आयोग को कांग्रेस के काले धन का उपयोग करने की सूचना मिली थी, जिसके चलते तलाशी ली गई। भाजपा राज्य प्रमुख के. सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता शफी परमबिल काले धन का इस्तेमाल कर रहे हैं और पुलिस ने पूरी तरह से छानबीन नहीं की।
तलाशी के समय कांग्रेस समर्थक बड़ी संख्या में होटल में एकत्र हो गए और उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। कांग्रेस नेताओं ने इसे न केवल महिलाओं का मामला बताया बल्कि इसे राजनीतिक मसला भी करार दिया। इस घटना के बाद, केपीसीसी ने पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
चुनाव आयोग ने कलपथी रथोत्सवम त्योहार के चलते उपचुनाव की तारीख को 13 नवंबर से बढ़ाकर 20 नवंबर कर दिया है। इस सीट पर उपचुनाव कांग्रेस नेता शफी परमबिल के लोकसभा के लिए चुने जाने के कारण हो रहा है।
इस राजनीतिक विवाद ने पलक्कड़ विधानसभा उपचुनाव को नया मोड़ दे दिया है, जहां कांग्रेस, एलडीएफ और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर है।
Politics heated up due to midnight raid in palakkad by-election, congress called it a conspiracy