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राजस्थान उपचुनाव सीएम भजनलाल शर्मा और भाजपा के लिए कड़ी परीक्षा

Rajasthan by-election is a tough test for CM bhajan lal sharma and bjp
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राजस्थान में आगामी विधानसभा उपचुनाव भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व के लिए अहम परीक्षा साबित होंगे। दिसंबर में मुख्यमंत्री बने शर्मा की सरकार अगले महीने एक साल पूरा करेगी, और इस उपचुनाव के नतीजे उनके प्रदर्शन पर भी प्रश्नचिन्ह लगाएंगे। पिछले उपचुनाव में भाजपा को करणपुर सीट गंवानी पड़ी थी, और आम चुनावों में पार्टी ने राज्य की 25 लोकसभा सीटों में से 11 सीटों पर हार का सामना किया, जिससे मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं।

भाजपा अध्यक्ष मदन राठौर के लिए भी यह पहली परीक्षा होगी, क्योंकि उन्होंने जून में पार्टी की कमान संभाली थी। उपचुनाव में झुंझुनू, दौसा, देवली-उनियारा, खींवसर, चौरासी, सलूम्बर, और रामगढ़ सीटों पर चुनाव होंगे, जिसमें चार सीटें कांग्रेस के पास हैं और शेष भाजपा, भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी), और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के पास हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने कई रैलियों को संबोधित किया और अपनी सरकार के कामों को गिनाते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला किया। खींवसर में एक रैली के दौरान शर्मा ने कहा, भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के 10 महीनों के भीतर अपने 50% चुनावी वादे पूरे कर दिए हैं। कांग्रेस अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं कर पाई।

भाजपा अध्यक्ष राठौर ने कहा कि पार्टी सभी सात सीटों पर जीत दर्ज करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि मोदी ने देश की सुरक्षा को मजबूत किया है और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को सुदृढ़ किया है। उनका कहना था कि भाजपा की जीत कार्यकर्ताओं का मनोबल और अधिक बढ़ाएगी।

राजस्थान कांग्रेस प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता भाजपा से तंग आ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा की ओर से विकास कार्यों में लापरवाही हो रही है और मुख्यमंत्री शर्मा के नेतृत्व में कई मतभेद उभर रहे हैं।

डोटासरा ने दावा किया कि कांग्रेस सभी सात सीटों पर जीत दर्ज करेगी और भाजपा को बिजली, पानी, और किसानों के मुद्दों पर कोई परवाह नहीं है। उन्होंने भाजपा पर पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को लेकर भी निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस परियोजना को पांच साल तक लटकाए रखा।

राजस्थान की 200 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा के 114 सदस्य हैं, कांग्रेस के 65, भारत आदिवासी पार्टी के तीन, बहुजन समाज पार्टी के दो, और राष्ट्रीय लोक दल का एक सदस्य है। इस उपचुनाव में सात सीटों पर चुनाव परिणाम तय करेंगे कि राजस्थान की राजनीतिक दिशा किस ओर जाती है और भाजपा के लिए ये परिणाम एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकते हैं।

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