30 दिसंबर 2024 को पंजाब में सुबह 7 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक 9 घंटे का बंद रहेगा, जिसके दौरान बसों और ट्रेनों की सेवाएं पूरी तरह से स्थगित रहेंगी। यह बंद किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के समर्थन में किया जा रहा है, जो खनौरी बॉर्डर पर 31 दिन से अनशन पर बैठे हैं। डल्लेवाल की तबियत नाजुक हो चुकी है, और उनकी सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।
यह बंद किसान नेताओं और विभिन्न संगठनों द्वारा आयोजित की गई बैठक के बाद बुलाया गया है। इन संगठनों ने डल्लेवाल के समर्थन में यह ऐलान किया है कि 30 दिसंबर को पंजाब भर में 9 घंटे का बंद रहेगा, जिसमें ट्रेनें और बसें भी रोकी जाएंगी। डल्लेवाल की हालत बेहद बिगड़ चुकी है। वह पिछले 24 घंटे से पानी भी नहीं पी रहे हैं और उनका शरीर पूरी तरह से कमजोर हो चुका है। डॉक्टर्स उनकी स्थिति को लेकर चिंतित हैं, लेकिन डल्लेवाल ने अपना अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है।
बंद से प्रभावित होने वाली सेवाएं
इस बंद के दौरान पंजाब में निम्नलिखित सेवाएं प्रभावित होंगी:
- यातायात सेवाएं:
- पंजाब रोडवेज, पी.आर.टी.सी. और प्राइवेट बसों की सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी।
- ट्रेनों की सेवाएं भी स्थगित रहेंगी, जिसमें लोकल और अंतर-राज्यीय ट्रेनें शामिल हैं।
- बाजार और व्यापार:
- कई स्थानीय बाजार बंद रहेंगे, क्योंकि व्यापारी संघ भी इस बंद का समर्थन कर रहे हैं।
- सरकारी कार्यालय:
- विभिन्न कर्मचारी संघों के समर्थन में सरकारी दफ्तरों में भी कामकाज बंद रह सकता है।
जगजीत सिंह डल्लेवाल की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। वह पिछले दिन से पानी नहीं पी रहे, और उनकी शारीरिक स्थिति बहुत कमजोर हो गई है। उनका शरीर काफी पीला हो गया है और उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि वह अपना मरणव्रत जारी रखेंगे। डाक्टर उनकी स्थिति को लेकर चिंतित हैं, लेकिन डल्लेवाल ने किसी भी प्रकार का इलाज करवाने से मना कर दिया है।
जनता का समर्थन
इस आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है। किसान नेता डल्लेवाल के समर्थन में देशभर के विभिन्न हिस्सों में भूख हड़तालें और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। यह बंद किसानों के आंदोलन को और गति देने का प्रयास है, और इसमें विभिन्न यूनियनों और संगठनों का भी समर्थन है।
30 दिसंबर को होने वाली यह 9 घंटे की बंदी पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक हलचल का कारण बनेगी। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत के साथ-साथ किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर दबाव बनेगा। यह बंद पंजाब के लोगों के लिए एक अहम समय होगा, जिसमें उन्हें वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था की तैयारी करनी होगी। सरकार और किसान आंदोलन के बीच की खाई को देखते हुए यह आंदोलन अब एक गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है।