श्री अकाल तख्त साहिब ने मंगलवार को पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल समेत उनकी सरकार में रहे मंत्रियों को धार्मिक सजा सुनाई। यह सजा 2007 से 2017 के दौरान शिरोमणि अकाली दल की सरकार में हुई गंभीर गलतियों के लिए दी गई है।
सुखबीर सिंह बादल और पूर्व मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा ने सुबह 9 से 10 बजे सेवादार की पोशाक पहनकर श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य द्वार पर पहरेदारी की सेवा शुरू की। दोनों नेताओं को एक घंटे तक यह सेवा करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, सुखबीर सिंह बादल को शौचालय साफ करने की भी सजा सुनाई गई थी, लेकिन उनके पैर में प्लास्टर लगे होने के कारण इस सजा से उन्हें छूट दे दी गई।
अकाल तख्त साहिब द्वारा दी गई सजा के कारण सुखबीर सिंह बादल और अन्य दोषी नेताओं को 3 दिसंबर से 12 बजे से 1 बजे तक वॉशरूम साफ करने का आदेश मिला। इसके बाद वे लंगर हॉल में सेवा करेंगे और श्री सुखमनी साहिब का पाठ करेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें रोजाना एक घंटा कीर्तन सुनने की सेवा भी दी गई है।
सजा के कारणों में राम रहीम को माफी दिलवाना, बरगाड़ी बेअदबी मामले में कार्रवाई न करना और पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी को नियुक्त करना जैसे विवादित निर्णय शामिल हैं। अकाली दल की सरकार के दौरान हुए इन मामलों ने राज्य में व्यापक असंतोष और विरोध को जन्म दिया था।
श्री अकाल तख्त साहिब ने यह फैसला बादल परिवार और उनके सहयोगियों के खिलाफ उठाए गए आरोपों की जांच के बाद लिया।
Sukhbir badal reached sri akal takht Sahib with a placard around his neck and a spear in his hand