पंजाब में गोलीबारी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला जालंधर के लम्मा पिंड चौक के पास का है, जहां शनिवार सुबह गोलियों की गूंज सुनाई दी। इस घटना में दो युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मोता सिंह नगर के रहने वाले 24 वर्षीय शिव और बस्ती शेख के 22 वर्षीय विनय तिवारी के रूप में हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात मृतक शिव और विनय अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर रहे थे। इस दौरान सभी ने मिलकर शराब पी। लेकिन शनिवार सुबह किसी बात को लेकर बहस इतनी बढ़ गई कि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बहस के दौरान आरोपी मन्ना ने गुस्से में आकर गोलियां चला दीं, जिसमें शिव और विनय की मौके पर ही मौत हो गई।
आरोपी मौके से फरार
घटना के बाद आरोपी मन्ना फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ लग रहा है। पुलिस के अनुसार, यह विवाद दोस्तों के बीच आपसी मतभेद का परिणाम हो सकता है।
घटना स्थल पर पहुंची फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है।
सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जालंधर जैसे व्यस्त शहर में इस तरह की घटना होना न केवल पुलिस की कार्यक्षमता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समाज में गुस्सा और असहिष्णुता किस हद तक बढ़ चुकी है।
पंजाब में बढ़ती गोलीबारी की घटनाएं राज्य के लिए एक गंभीर समस्या बन चुकी हैं। इस घटना ने दोस्ती और विश्वास के महत्व पर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस और प्रशासन को न केवल कानून-व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए, बल्कि समाज में संवाद और सहिष्णुता को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाने चाहिए।