नई दिल्ली, 10 फरवरी 2025
– भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (
ISRO
) ने एक बड़ा ऐलान करते हुए पुष्टि की है कि भारत का अगला चंद्र मिशन
चंद्रयान-4
वर्ष
2027
में लॉन्च किया जाएगा। यह मिशन भारत के चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम में
एक नया मील का पत्थर
साबित होगा और इसमें कई अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
चंद्रयान-4 की खासियतें
ISRO के अनुसार, चंद्रयान-4 मिशन में चंद्रमा की सतह पर
दीर्घकालिक प्रयोगशाला
स्थापित करने की योजना है, जिससे वैज्ञानिक शोध और संसाधनों के अध्ययन में मदद मिलेगी। इस मिशन में
मजबूत रोवर और लैंडर
शामिल होंगे, जो
चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव
के और भी अधिक जटिल हिस्सों का अध्ययन करेंगे।
भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया अध्याय
इससे पहले भारत ने
चंद्रयान-3
के जरिए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग कर अंतरिक्ष विज्ञान में इतिहास रचा था। अब
चंद्रयान-4
मिशन भारत को चंद्रमा पर
लंबे समय तक मौजूद रहने वाले मिशनों
की दिशा में आगे ले जाएगा।
वैश्विक सहयोग और महत्व
इस मिशन में ISRO विभिन्न अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर सकता है, जिससे चंद्रमा पर स्थायी आधारभूत संरचना तैयार करने की संभावनाएं मजबूत होंगी।
ISRO के इस नए मिशन की घोषणा के बाद भारतीय वैज्ञानिक समुदाय और अंतरिक्ष प्रेमियों में उत्साह है।
2027
में होने वाला यह लॉन्च भारत की अंतरिक्ष शक्ति को और मजबूती देगा।