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जालंधर: डंकी रूट के ज़रिए मानव तस्करी, बड़े ट्रैवल एजेंटों का नेटवर्क बेनकाब

Jalandhar: Human Trafficking Network Exposed, Travel Agents Running Donkey Route Operations
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जालंधर: पंजाब और हरियाणा के कई परिवारों को बर्बाद करने वाला डंकी रूट (मानव तस्करी) गैंग एक बड़े नेटवर्क के रूप में सामने आया है। जालंधर के तीन बड़े ट्रैवल एजेंटों ने अमेरिका और कनाडा भेजने के नाम पर न सिर्फ लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठे, बल्कि कईयों को डिपोर्ट होने के बाद कंगाल भी कर दिया।

सूत्रों के मुताबिक, जालंधर बस स्टैंड के पास स्थित एक बड़ी इमारत मानव तस्करी का केंद्र बनी हुई है। इस इमारत से संचालित ट्रैवल एजेंसी के तार पंजाब, हरियाणा और गुजरात के साथ-साथ अमेरिका, कनाडा और दुबई तक जुड़े हैं। इन एजेंटों ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि मैक्सिको समेत कई शहरों में अपने दफ्तर खोल रखे हैं, जहां से अवैध रूप से अमेरिका भेजे गए लोगों को कानूनी सहायता मुहैया कराई जाती है।

बताया जा रहा है कि यह गैंग अमेरिका और कनाडा की सीमा पर अपने अलग-अलग दफ्तर चला रहा है। मैक्सिको में इनके नेटवर्क को संभालने वाला व्यक्ति भी जालंधर का ही रहने वाला है। पंजाब में इस गिरोह के मुख्य केंद्र जालंधर और होशियारपुर रोड पर स्थित बताए जा रहे हैं, जहां से ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर लोगों को डंकी रूट से विदेश भेजा जाता है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि इस अवैध नेटवर्क में पंजाब पुलिस के दो रिटायर्ड अधिकारी भी शामिल हैं, जो अब राजनीतिक दलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इनके अलावा, कई अन्य पुलिस अधिकारी और राजनेता भी इस गैंग को संरक्षण दे रहे हैं, जिससे यह धंधा बेखौफ तरीके से फल-फूल रहा है।

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने हरियाणा और पंजाब में कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को 237 ऐसे ट्रैवल एजेंटों की सूची सौंपने के लिए कहा गया है, जो लोगों को धोखा देकर विदेश भाग चुके हैं और जिनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हैं।

इस बीच, अमेरिका ने भी अवैध प्रवासियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए 104 भारतीय नागरिकों को जबरन डिपोर्ट किया है। अमृतसर एयरफोर्स बेस पर लाए गए इन लोगों में 30 पंजाब के, जबकि हरियाणा और गुजरात के 33-33 नागरिक शामिल थे।