टेनेसी, 29 मार्च: जब ज्यादातर 12 साल के बच्चे टीवी देखने या वीडियो गेम खेलने में व्यस्त होते हैं, तब अमेरिका के मेम्फिस, टेनेसी के जैक्सन ओसवाल्ट ने एक अनोखा रास्ता चुना। उन्होंने अपने घर में ही परमाणु संलयन (Nuclear Fusion) पर प्रयोग करना शुरू कर दिया।
जैक्सन को एक दिन अहसास हुआ कि भले ही वह वीडियो गेम में सबसे अच्छा बन जाए, लेकिन यह भविष्य के लिए ज्यादा मायने नहीं रखेगा। यही सोचकर उन्होंने विज्ञान में रुचि लेनी शुरू की और इसे असली दुनिया का वीडियो गेम मानकर काम करना शुरू किया।
जैक्सन ने सबसे पहले एक "डेमो फ्यूसर" तैयार किया, जो प्लाज्मा उत्पन्न कर सकता था लेकिन असली परमाणु संलयन नहीं कर सकता था। इसके लिए उन्होंने वैक्यूम चेंबर, वैक्यूम पंप और नियॉन साइन ट्रांसफार्मर जैसे उपकरण जुटाए। उन्होंने इसे अपने स्कूल के विज्ञान मेले में प्रदर्शित किया और खुद भी हैरान रह गए कि वे इसे वहां ला सके।
डेमो फ्यूसर बनाने के बाद जैक्सन ने हार नहीं मानी। लगभग एक साल की कड़ी मेहनत और रिसर्च के बाद, 12 साल की उम्र में उन्होंने सफलतापूर्वक परमाणु संलयन कर लिया। यह उपलब्धि उन्होंने अपने 13वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले हासिल की। उनके इस कार्य को Fusor.net ने मान्यता दी और वे दुनिया के सबसे कम उम्र के व्यक्ति बन गए, जिसने सफलतापूर्वक न्यूक्लियर फ्यूजन किया।
जब जैक्सन की इस उपलब्धि की खबर फैली, तो FBI के एजेंट उनके घर जांच के लिए पहुंच गए। एजेंटों ने उनके प्रयोगशाला में जाकर देखा कि कहीं रेडिएशन का खतरा तो नहीं है। जांच में सबकुछ सुरक्षित पाया गया, जिसके बाद जैक्सन ने मजाक में कहा कि "मैं अब भी आज़ाद हूं!"
जैक्सन ओसवाल्ट की विज्ञान में रुचि अभी भी बनी हुई है। अब वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हार्डवेयर और इनोवेशन से जुड़ी रिसर्च कर रहे हैं। उनका कहना है कि घर में किए गए प्रयोगों ने ही उनके भविष्य की दिशा तय की।
उनकी यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि अगर जिज्ञासा और मेहनत हो, तो छोटी उम्र में भी असंभव को संभव बनाया जा सकता है।
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