Skip to content

जालंधर-पठानकोट हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: CM भगवंत मान ने जताया दुख

Punjab Government Tightens Grip on Wheat Lifting in Mandis: Orders Issued to Speed Up Procurement
Punjab Government Tightens Grip on Wheat Lifting in Mandis: Orders Issued to Speed Up Procurement
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

जालंधर: जालंधर-पठानकोट हाईवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। इस भीषण टक्कर में बस चालक सहित कई लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब एक तेज रफ्तार बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, "जालंधर-पठानकोट हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली और बस के बीच हुए हादसे में बस चालक समेत अन्य लोगों की मौत की खबर अत्यंत दुखद है। जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। इसके साथ ही हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना करते हैं।"

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और सड़क सुरक्षा बल की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से पीड़ितों के परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है।

इस भीषण हादसे ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ट्रैफिक नियमों की अनदेखी इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रही है? विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार और यातायात नियमों के प्रति लापरवाही ऐसे हादसों की प्रमुख वजह बन रही है।

सरकार को चाहिए कि वह सड़क सुरक्षा नियमों को और सख्ती से लागू करे, दुर्घटना-प्रवण इलाकों की पहचान कर वहां सुरक्षात्मक कदम उठाए और सड़क पर यातायात नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ाए।

जालंधर-पठानकोट हाईवे पर हुआ यह हादसा न केवल एक त्रासदी है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि हमें सड़क सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही ठोस कदम उठाएगा ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।