चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सदन में बिजली निगम (PSPCL), शिक्षा सुधार, कृषि संकट और वित्तीय मामलों को लेकर तीखी बहस देखी गई। विपक्ष ने बिजली कटौती और PSPCL की वित्तीय स्थिति को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सरकार ने बिजली आपूर्ति में सुधार के दावे किए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार कर रही है और आम जनता को राहत देने के लिए कई नई योजनाएं लाई जाएंगी।
शिक्षा के मुद्दे पर भी जोरदार चर्चा हुई, जहां सरकारी स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की भर्ती और नई शिक्षा नीति पर विचार-विमर्श किया गया। विपक्ष ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और बुनियादी ढांचे की खस्ताहाल स्थिति पर सवाल उठाए। शिक्षा मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार स्कूलों के आधुनिकीकरण और शिक्षकों की भर्तियों पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
पराली जलाने के मुद्दे पर भी सदन में गरमागरम बहस हुई। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि पराली जलाने को लेकर कई बार गलत सूचना फैलाई जाती है, जिससे किसानों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को पराली प्रबंधन के लिए वैकल्पिक समाधान देने की दिशा में काम कर रही है। इस संबंध में नए उपकरणों और सब्सिडी का प्रावधान किया जा रहा है, जिससे किसान बिना जलाई पराली का सही निपटान कर सकें।
बजट सत्र के दौरान वित्तीय मसलों पर भी चर्चा हुई, जिसमें राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास परियोजनाओं के लिए धन आवंटन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। विपक्ष ने सरकारी कर्ज और वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने दावा किया कि नई नीतियों से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। आगामी दिनों में बजट पर और विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।