नई दिल्ली: राज्यसभा में आज पंजाब के बढ़ते कर्ज को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से मदद की अपील की। उन्होंने बताया कि पंजाब पर वर्तमान में 3.74 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
संत सीचेवाल ने कहा कि पंजाब का आर्थिक ढांचा लगातार कमजोर हो रहा है, और इतनी बड़ी देनदारी के चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह पंजाब को इस संकट से उबारने के लिए वित्तीय सहायता और विशेष पैकेज प्रदान करे।
उन्होंने कहा, "पंजाब ने हरित क्रांति में अहम योगदान दिया है और देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में अग्रणी रहा है। अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार राज्य के आर्थिक संकट को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाए।"
विशेषज्ञों के अनुसार, पंजाब को अपने राजस्व संसाधनों को बढ़ाने, अनावश्यक खर्चों में कटौती करने और कर्ज पुनर्गठन की योजना बनाने की आवश्यकता है। केंद्र सरकार के सहयोग के बिना इस वित्तीय संकट से उबरना आसान नहीं होगा।
राज्यसभा में उठाए गए इस मुद्दे के बाद अब देखना होगा कि केंद्र सरकार पंजाब की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए क्या कदम उठाती है।