जालंधर, पंजाब – 27 मई 2025 को जालंधर के दिलबाग नगर क्षेत्र में हुई एक चौंका देने वाली घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। दिन-दहाड़े एक नामी वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस निर्मम हत्याकांड से कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मृतक वकील की पहचान एडवोकेट रविंदर शर्मा के रूप में हुई है, जो अपने पेशे में सक्रिय और समाजसेवी कार्यों के लिए जाने जाते थे। सूत्रों के अनुसार, उन्हें उनके ही घर के पास निशाना बनाया गया, जब वे कोर्ट के लिए निकल रहे थे। हमलावरों ने बेहद नजदीक से गोली चलाई और मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती कार्रवाई के तहत पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। अभी पूछताछ जारी है और हत्या के पीछे की वजह जानने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह घटना आपसी रंजिश या पेशे से जुड़ी दुश्मनी का नतीजा हो सकती है, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष फिलहाल नहीं निकला है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। दिलबाग नगर जैसे शांत माने जाने वाले इलाके में दिन के उजाले में इस तरह की घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। लोगों का कहना है कि यदि एक वकील सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है?
यह घटना न केवल एक वकील की हत्या है, बल्कि यह पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था की एक झलक भी है। लगातार हो रही आपराधिक घटनाएं यह दर्शा रही हैं कि अपराधी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। क्या प्रशासन इन घटनाओं से कोई सबक लेगा?
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमें एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज के लिए क्या बदलाव लाने की जरूरत है। वकील जैसे पेशेवर पर खुलेआम हमला होना न्याय व्यवस्था की नींव को हिलाने जैसा है। ज़रूरत है तेज़ और निष्पक्ष जांच की, ताकि दोषियों को सजा मिले और लोगों का कानून पर विश्वास बना रहे।