Skip to content

करोड़ों की दौलत और बढ़ती जाँच: रमन अरोड़ा पर टूटा कानून का हंटर

Jalandhar MLA Raman Arora’s Health Deteriorates in Jail, Court Hearing on Treatment Scheduled
Jalandhar MLA Raman Arora’s Health Deteriorates in Jail, Court Hearing on Treatment Scheduled
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

पंजाब की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब आम आदमी पार्टी (AAP) के जालंधर से विधायक रमन अरोड़ा के घर विजिलेंस विभाग ने छापा मारा। इस छापेमारी में 1 किलो से अधिक सोने के गहने, ₹6 लाख नकद और चौंकाने वाले दस्तावेज मिले।

दिलचस्प बात यह है कि 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान अरोड़ा ने जो हलफनामा दाखिल किया था, उसमें उनके और उनकी पत्नी के पास कुल 742 ग्राम सोना दर्ज था। लेकिन अब, तीन साल बाद, विजिलेंस को 1 किलो सोना व चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं। यानी उनकी संपत्ति में 258 ग्राम का इजाफा कैसे हुआ, यह बड़ा सवाल बन गया है।

विजिलेंस को अदालत से रमन अरोड़ा का 5 दिन का रिमांड मिला है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
विजिलेंस ने कोर्ट में एटीपी सुखदेव वशिष्ठ के बयान का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया कि वह अक्सर अरोड़ा के घर जाते थे, जहां कुछ खास लोग नियमित रूप से मौजूद रहते थे।

रमन अरोड़ा के वकीलों का कहना है कि सोना पहले से ही हलफनामे में घोषित किया गया था और विजिलेंस की कार्रवाई का आधार कमजोर है। लेकिन जब घर से बरामद सोने की मात्रा चुनावी घोषणा से अधिक हो, तो संदेह होना लाजमी है।

अब शहर में चर्चा है – "अगला नंबर किसका?"
अरोड़ा के समधी राजू मदान, पीए रोहित, और सहयोगी महेश मखीजा के घर भी विजिलेंस की टीमें पहुंची हैं। यह साफ संकेत है कि जांच का दायरा और भी नेताओं व अधिकारियों तक फैल सकता है।

रमन अरोड़ा कभी दिल्ली तक प्रभाव रखने वाले नेता माने जाते थे। सोशल मीडिया पर उनके मनीष सिसोदिया और हरभजन सिंह जैसे बड़े चेहरों के साथ फोटो भरे पड़े हैं। लेकिन अब जब विजिलेंस ने उनका पीछा किया है, तो सत्ता की चकाचौंध फीकी पड़ती दिख रही है।

विजिलेंस की कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि भ्रष्टाचार कितना गहराई से राजनीति में जड़ें जमा चुका है। रमन अरोड़ा पर लगे आरोप न केवल आप पार्टी की साख पर सवाल उठाते हैं, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी झटका देते हैं।