शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया को फिलहाल कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है।उनकी जमानत याचिका पर सोमवार को मोहाली कोर्ट में सुनवाई हुई,जिसमें करीब 2 घंटे तक बहस चली।हालांकि,कोर्ट ने अभी कोई फैसला नहीं सुनाया है और अगली सुनवाई की तारीख 25 जुलाई तय की गई है। मामले की मौजूदा स्थिति: मजीठिया 2 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में हैं और उन्हें नाभा जेल में रखा गया है। उन्होंने जेल में बैरक बदलने की मांग की थी,जिस पर कोर्ट ने डीजीपी जेल को 2 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। जांच और छापेमारी: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो और एसआईटी की टीमें मजीठिया की संपत्तियों की जांच कर रही हैं। 19 जुलाई को चंडीगढ़ और दिल्ली के सैनिक फार्म में विजिलेंस की रेड हुई। परिवार का कहना है कि सभी संपत्तियों के दस्तावेज मौजूद हैं और कोई अवैध संपत्ति नहीं है। परिवार और मजीठिया पक्ष का दावा है कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
बिक्रम मजीठिया पर नशा तस्करी से जुड़े मामलों में गंभीर आरोप हैं,जिनकी जांच लंबे समय से चल रही है। विजिलेंस विभाग उनकी आर्थिक स्थिति और संपत्तियों की जांच कर रहा है ताकि किसी अवैध लेन-देन या संपत्ति का पता लगाया जा सके