लुधियाना की एक अदालत ने जालंधर मोबाइल विंग के पूर्व सहायक एक्साइज एवं टैक्सेशन कमिश्नर सुखविंदर सिंह को भ्रष्टाचार के गंभीर मामले में 5 साल की सजा और ₹20,000 जुर्माना सुनाया है। अदालत ने इसी मामले में सह-आरोपी रूबी कपूर को भी समान सजा दी है।
क्या है मामला:
सुखविंदर सिंह पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त रहते हुए अवैध लाभ उठाया। जांच के दौरान उनके खिलाफ ठोस सबूत पेश किए गए, जिसमें लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, गवाहों के बयान और वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। इसी केस में रूबी कपूर को भी मुख्य भूमिका निभाने का दोषी पाया गया।
कोर्ट का सख्त रुख:
सजा सुनाए जाने के बाद दोनों आरोपियों की ओर से राहत या सजा में नरमी की मांग की गई, जिसे अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि सरकारी पद पर बैठे लोगों द्वारा किया गया भ्रष्टाचार आम जनता के विश्वास को तोड़ता है और इस पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
🧾 सजा का विवरण:
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सजा: 5 साल की कैद
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जुर्माना: ₹20,000 प्रति आरोपी
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राहत की याचिका: अस्वीकृत
जनता को क्या संदेश:
इस फैसले से साफ संदेश जाता है कि भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी अब कानून से नहीं बच सकते, चाहे उनका पद कितना भी बड़ा क्यों न हो। पंजाब में हाल के वर्षों में भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।