पंजाब सरकार ने बाढ़ राहत और मुआवजे जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर ली है। यह सत्र 26 से 29 सितंबर तक आयोजित होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज दोपहर 12 बजे चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर कैबिनेट बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी मंत्री और विधायक मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी जाएगी और विधानसभा के विशेष सत्र को भी अंतिम हरी झंडी मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा सत्र के दौरान बाढ़ प्रभावित इलाकों से जुड़ी समस्याओं पर गहन चर्चा होगी। सरकार "जिसका खेत, उसकी रेत" एक्ट लाने पर विचार कर रही है, जिससे किसानों को बाढ़ के बाद अपने खेतों में जमी रेत पर अधिकार मिल सके। यह निर्णय किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत खराब होने के कारण 9 सितंबर को उन्होंने अस्पताल में रहते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कैबिनेट बैठक की थी। उसी दौरान सरकार ने बड़ा राहत पैकेज घोषित किया था—
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फसल नुकसान पर किसानों को प्रति एकड़ 20,000 रुपये मुआवजा
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मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि
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सहकारी समितियों के कर्ज की किस्तों में राहत
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"जिसका खेत, उसकी रेत" योजना समेत कुल 9 बड़े फैसले
केंद्र से भी राहत राशि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पंजाब दौरे के दौरान राज्य को बाढ़ राहत कार्यों के लिए 1,600 करोड़ रुपये की सहायता देने का ऐलान किया। इससे राज्य सरकार की राहत योजनाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत
इसी बीच, पंजाब में आज से स्वास्थ्य बीमा योजना भी लागू हो रही है, जिससे लाखों परिवारों को चिकित्सा सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा।