जालंधर, 26 अक्तूबर — शहर के चौगिट्टी इलाके में स्थित डॉ. अंबेडकर नगर के करीब 400 मकानों पर अब बुलडोज़र चलने का खतरा मंडरा रहा है। पावरकॉम ने दावा किया है कि ये सभी मकान उसकी 65.50 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए हैं। आने वाले दिनों में विभाग इस जमीन को खाली कराने के लिए कार्रवाई शुरू कर सकता है।
जानकारी के अनुसार, इस भूमि को लेकर पावरकॉम 2003 से कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। वर्ष 2019 में अदालत ने पावरकॉम के पक्ष में फैसला सुनाया, लेकिन इसके बावजूद कब्जाधारियों को हटाया नहीं जा सका। अब विभाग ने अदालत के आदेशों की अवहेलना के मामले में 27 अक्टूबर को सिविल जज (जूनियर डिवीजन), जालंधर की अदालत में पुलिस प्रशासन के खिलाफ आवेदन देने का निर्णय लिया है, ताकि पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इलाके में रहने वाले लोगों में इस खबर के बाद डर और असमंजस का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से यहां रह रहे हैं और अब अपने घरों के टूटने की संभावना से परेशान हैं। कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने यह प्लॉट खरीदकर घर बनाए थे और अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
दूसरी ओर, पावरकॉम का कहना है कि अदालत ने पहले ही इस भूमि पर पावरकॉम के स्वामित्व को मान्यता दी है, इसलिए अब कब्जा हटाना जरूरी है। विभाग के मुताबिक, 1997 में पंजाब सरकार ने यह जमीन पंजाब राज्य बिजली बोर्ड को कर्मचारियों की कॉलोनी विकसित करने के लिए दी थी। बाद में जब पावरकॉम का गठन हुआ तो यह संपत्ति उसके नाम दर्ज हो गई।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “हमारा उद्देश्य किसी को बेघर करना नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति को मुक्त कराना है। अदालत का आदेश हमारे पक्ष में है, और प्रशासन को सहयोग करना चाहिए।”
फिलहाल चौगिट्टी और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय यही है कि क्या वास्तव में आने वाले दिनों में इन घरों पर जे.सी.बी. की गड़गड़ाहट सुनाई देगी या कोई राहत की उम्मीद बाकी है।