दिल्ली: देश की राजधानी में हवा की हालत इस कदर खराब हो चुकी है कि अब तो एयर प्यूरिफायर को भी “प्यूरिफिकेशन” की ज़रूरत पड़ने लगी है।
शहर के कई इलाकों में लोगों ने बताया कि उनके एयर प्यूरिफायर का फ़िल्टर कुछ ही दिनों में काला पड़ गया — धूल, धुएं और प्रदूषण के असर से।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यह फ़िल्टर का काला होना दिल्ली की हवा की असलियत दिखाता है। एक सप्ताह में जितनी धूल और जहरीले कण मशीन के अंदर जमा हो जाते हैं, उतने तो कई छोटे शहरों में महीनों में नहीं होते।
जहां एक ओर लोग अपने घरों में “साफ हवा” खरीदने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर बाहर की हवा ज़हर बन चुकी है। सवाल अब यह है कि जब प्यूरिफायर भी थक जाए — तो सांसें कहां जाएं?