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किसानों का विरोध प्रदर्शन: सड़कों और रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन के कारण बस और ट्रेन सेवाएं ठप

Farmers protest: Bus and train services disrupted as protests take over roads and railway tracks
Farmers protest: Bus and train services disrupted as protests take over roads and railway tracks
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पंजाब में धान की खरीद और लिफ्टिंग को लेकर किसान आंदोलन ने आज दोपहर जोर पकड़ लिया है। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) सहित कई संगठनों ने दोपहर 12 बजे से विभिन्न हाईवे और रेलवे ट्रैकों पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

भारतीय किसान यूनियन उगराहां ने बरनाला रेलवे स्टेशन के पास बरनाला-बठिंडा रेलवे लाइन को ब्लॉक कर दिया है। इसी तरह, बीकेयू कादियां, बीकेयू डकौंडा, बीकेयू राजेवाल और अन्य संगठनों ने लुधियाना रोड पर महल कलां, मोगा हाईवे पर पकखो कैंचियां, और चंडीगढ़ रोड पर बरनाला बाईपास पर हाईवे ब्लॉक किया है। सुनाम में किसानों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर विरोध जताया है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले राज्य के आढ़ती और राइस मिलर्स एसोसिएशन ने भी समर्थन देते हुए आज दोपहर 12 से 3 बजे तक पूरे पंजाब के हाईवे को बंद करने का ऐलान किया है।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर सिंह राजेवाल का कहना है कि आढ़तियों और मिलर्स की मुख्य मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में धान पहुंचने के बावजूद गोदामों में अनाज भरा होने से लिफ्टिंग में देरी हो रही है। इस समस्या को हल करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार से उचित कदम उठाने की मांग की जा रही है।

मुद्दे को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान सोमवार को केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी से मिलेंगे। इस बैठक में धान की लिफ्टिंग और कमीशन से संबंधित समस्याओं पर चर्चा होगी, जिससे पंजाब में धान खरीद की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।

संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि जब तक आढ़तियों और मिलर्स की मांगें पूरी नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा। किसानों ने सरकार से धान की खरीद और लिफ्टिंग के मुद्दे पर तुरंत समाधान की मांग की है, ताकि उन्हें फसल बेचने में और अधिक समस्याओं का सामना न करना पड़े।

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