हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर दिवाली का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल दिवाली 31 अक्टूबर 2024 को मनाई जाएगी। इस खास अवसर पर घर को सजा कर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा विधि-विधान से की जाती है। मान्यता है कि दिवाली की रात मां लक्ष्मी अपने वाहन पर सवार होकर धरती पर आती हैं और अपने भक्तों के द्वारा किए गए स्वागत को देखती हैं। इस दिन लोग मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर सुख, संपत्ति, और खुशहाली का वरदान प्राप्त करने की कामना करते हैं।
दिवाली पूजा में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करते समय सही दिशा और स्थान का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि पूजा का पूरा लाभ मिल सके।
- मूर्ति की दिशा: चौकी पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की मूर्ति को स्थापित करते समय भगवान गणेश को बाईं ओर और मां लक्ष्मी को दाईं ओर रखें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाईं ओर का स्थान पत्नी का माना गया है और मां लक्ष्मी को गणेश जी की माता के स्वरूप में माना गया है। मूर्तियों का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।
- मूर्ति का स्वरूप: मां लक्ष्मी की मूर्ति का चयन करते समय ध्यान रखें कि वह बैठी अवस्था में हों। वह कमल के आसन पर बैठी हों और उनके साथ ऐरावत हाथी का प्रतीक भी हो। ऐसा माना जाता है कि मां लक्ष्मी की खड़ी मूर्ति से घर में स्थायित्व नहीं रहता, इसलिए बैठी अवस्था वाली मूर्ति ही घर में स्थापित करें। भगवान गणेश की मूर्ति भी बैठी हुई होनी चाहिए और उनकी सूंड बाईं ओर मुड़ी हो, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहे।
दिवाली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की इस प्रकार से पूजा कर घर में शुभता, धन, और खुशहाली का आह्वान किया जा सकता है।
Know about the right direction and installation rules of maa lakshmi and lord ganesha worship in diwali 2024