रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी ने अपनी दस्तक दे दी है। बुधवार देर रात से केदारनाथ धाम में मौसम का पहला हिमपात शुरू हुआ, जिससे पूरी घाटी ने एक बार फिर सफेद चादर ओढ़ ली। सुबह होते ही मंदिर परिसर, रास्ते और पहाड़ बर्फ से ढक गए, जबकि तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, यह इस सीजन का सबसे तीव्र ठंडा दिन रहा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए पीली चेतावनी (Yellow Alert) जारी की है और यात्रियों को ऊंचाई वाले रास्तों पर सतर्क रहने की सलाह दी है।
बर्फबारी के बीच श्रद्धालु “हर हर महादेव” के जयकारों के साथ दर्शन के लिए पहुंचते रहे। मंदिर के बाहर बर्फ के बीच फोटो खिंचवाते तीर्थयात्रियों का उत्साह देखते ही बनता था। हालांकि दोपहर बाद मौसम बिगड़ने से हेलीकॉप्टर सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं और कई यात्रियों को गौरीकुंड में ही रोकना पड़ा।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, केदारनाथ का तापमान -2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लगातार बर्फ गिरने से ट्रेकिंग मार्गों पर फिसलन बढ़ गई है। पुलिस और SDRF टीमें यात्रियों को सुरक्षित रास्तों से नीचे उतरने की सलाह दे रही हैं।
हर साल की तरह नवंबर के अंत में जब मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे, तब तक यह बर्फबारी श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार दृश्य बन चुकी है। स्थानीय पुजारियों का कहना है, “बाबा केदार ने सर्दियों का आगाज कर दिया है, यह दिव्य संकेत है कि अब यात्रा अपने अंतिम चरण में है।”
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मौसम में बदलाव सामान्य से पहले आया है। अक्टूबर के अंत में इतनी ठंड और बर्फ गिरना ग्लेशियर क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर की ओर इशारा करता है।