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जेएसडब्ल्यू और पॉस्को की साझेदारी, भारत में उन्नत इस्पात संयंत्र स्थापित करने की नई पहल

Partnership of JSW and POSCO, new initiative to set up advanced steel plant in india
Partnership of JSW and POSCO, new initiative to set up advanced steel plant in india
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JSW ग्रुप ने भारत में 5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता वाले एक एकीकृत स्टील प्लांट की स्थापना के लिए दक्षिण कोरिया के पॉस्को ग्रुप के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने मंगलवार को इस MoU की घोषणा की, जो JSW के मुंबई स्थित मुख्यालय में JSW के चेयरमैन सज्जन जिंदल और पॉस्को के चेयरमैन चांग इन-ह्वा की उपस्थिति में हुआ। यह साझेदारी भारत के तेजी से बढ़ते स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

JSW और पॉस्को के बीच यह साझेदारी भारत के स्टील उद्योग के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है, खासकर ऐसे समय में जब देश की स्टील की मांग तेजी से बढ़ रही है। JSW का मानना ​​है कि पॉस्को की उन्नत तकनीक और JSW की विनिर्माण विशेषज्ञता मिलकर भारत को उन्नत विनिर्माण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाएंगे। इस समझौते पर बात करते हुए सज्जन जिंदल ने कहा, यह MoU भारतीय इस्पात उद्योग में एक मील का पत्थर साबित होगा और हरित विकास के लिए JSW की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।

पॉस्को के चेयरमैन चांग इन-ह्वा ने भी इस सहयोग को कोरिया और भारत के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया और कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के लिए एक अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल भविष्य की दिशा में कदम है।

JSW और पॉस्को का सहयोग स्टील उत्पादन के साथ-साथ बैटरी सामग्री और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाशेगा। साझेदारी का फोकस इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर और इस्पात संयंत्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हरित ऊर्जा समाधान विकसित करना है।

JSW ने हाल ही में ओडिशा में निवेश की बड़ी घोषणा की है, जिसमें जगतसिंहपुर में एक हरित इस्पात संयंत्र की स्थापना की योजना शामिल है। इस संयंत्र के 30,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन करने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।

ओडिशा सरकार ने JSW के साथ साझेदारी कर कटक और पारादीप में एकीकृत इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी निर्माण परिसर स्थापित करने की योजना बनाई है। इसमें लगभग 40,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 11,000 से अधिक नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।

यह नई साझेदारी भारतीय और कोरियाई उद्योग के बीच मजबूत आर्थिक संबंधों की दिशा में एक ठोस कदम है। JSW और पॉस्को का यह संयुक्त प्रयास न केवल भारत के इस्पात और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा बल्कि हरित और टिकाऊ भविष्य के लिए मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

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