दिल्ली में वायु गुणवत्ता में गिरावट के कारण राजनीतिक हंगामा छिड़ गया है, जिसमें कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वायु गुणवत्ता 293 अंक पर पहुंच गई है, जो पिछले 24 घंटे के औसत 285 से अधिक है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने शुक्रवार को कहा, यह राज्य और केंद्र सरकारों की विफलता है। यह पहली बार नहीं हो रहा है; यह हर साल का मुद्दा है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बावजूद जनता को प्रदूषण के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण एक निरंतर समस्या है, लेकिन इस साल विधानसभा चुनावों के कारण यह मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो गया है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल फरवरी में समाप्त होने वाला है। आप सरकार ने कहा है कि वह प्रदूषण को कम करने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रही है, लेकिन शुक्रवार को वायु गुणवत्ता में और गिरावट आई।
वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान प्रणाली (सफर) के आंकड़ों के अनुसार, कई निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता 300 के आसपास है, जो बहुत खराब श्रेणी में आती है। स्थानीय लोगों ने सुबह उठते ही राष्ट्रीय राजधानी में धुंध की चादर देखी, और दिल्ली के अधिकारी प्रदूषण को कम करने के लिए सड़कों पर पानी छिड़कते हुए नजर आए।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने आप सरकार पर पिछले 10 वर्षों में प्रदूषण के स्तर को कम करने में विफल रहने का आरोप लगाया। आप मंत्री गोपाल राय ने कहा कि इस मुद्दे पर दोपहर 1 बजे दिल्ली सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक होगी।
गोपल राय ने कहा कि प्रदूषण के लिए मौसमी स्थितियों को जिम्मेदार ठहराते हुए बताया, दिल्ली में हवा की गति कम हो रही है और तापमान तेजी से गिर रहा है। इसके परिणामस्वरूप, वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए काम कर रही है, जबकि पड़ोसी राज्यों की भाजपा सरकारें ‘सो रही’ हैं।
फसलों के अवशेष जलाने का मुद्दा पंजाब और हरियाणा में दिल्ली के प्रदूषण संकट का मुख्य कारण है। भाजपा के हमलों पर राय ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और केंद्र सरकार को स्मॉग टावर लगाने का आदेश दिया है। भाजपा को आनंद विहार में खुद द्वारा लगाए गए स्मॉग टावर का दौरा करना चाहिए।
Political conflict over air quality crisis in delhi, Congress targets AAP government